JIO ने करोड़ों ग्राहकों को बनाया अप्रैल फूल….

रिलायंस जियो ने अप्रैल फूल प्रैंक वीडियो में नई तकनीक लाने का जिक्र किया। इस तकनीक में जियो ने ऐसा सिम कार्ड दिखाया जिससे स्मार्टफोन चार्ज किया जा सकता है। जियो ने इसको समझाने के लिए वीडियो में पूरा प्रोसेस समझाया। लेकिन, हकीकत में जियो ने एक अप्रैल अपने यूजर्स के साथ प्रैंक किया। कंपनी ने इस बात का खुलासा किया कि यह सिर्फ एक प्रैंक था।

जि‍यो ने प्रैंक विडियो में जियो जूस के फीचर्स को हाइलाइट किया। इसमें दिखाया गया कि‍ अब चार्जर और पावर बैंक का जमाना गया बि‍ना बि‍जली और पावरबैंक के ही फोन चार्ज हो जाएगा। जियो ने जो वीडियो शेयर किया, उसमें कहीं भी यह शक नहीं होने दिया कि यह प्रैंक है। हालांकि, ट्विटर पर कुछ यूजर्स ने इसे अप्रैल फूल ही करार दिया। लेकिन, फिर कुछ लोगों को लगा कि यह एक बैटरी सेविंग ऐप हो सकता है। जिसकी मदद से चार्जिंग हो सकेगी।

रिलायंस जियो ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से जो वीडियो जारी किया था, उसमें जियो ने सिम से फोन चार्जिंग की पूरी प्रक्रिया को समझाया है। इस वीडियो को एक बार फिर देखिए कि कंपनी ने कैसे यूजर्स के साथ प्रैंक किया। जियो ने जो प्रैंक वीडियो में शेयर किया था उसमें दिखाया गया था कि यूजर स्मार्टफोन में जैसे ही जियो सिम लगाता है, फोन अपने आप चार्ज होने लगता है।

जियो ने इस प्रक्रिया को समझाया गया है कि ऐसा कैसे हो सकता है। वीडियो में दावा किया गया है कि जियो जूस वायरलेस जियो नेटवर्क की मदद से ट्रांसमीटर और रिसीवर के बीच इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनाती है। इससे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन के जरिए एनर्जी ट्रांसफर होती है और बैट्री चार्ज होने लगती है। लेकि‍न, अब जि‍यो जूस के नाम से अप्रैल फूल बनाकर जि‍यो भारत की पहली अप्रैल फूल बनाने वाली कंपनी बन गई है।

कंपनी ने अपने वीडियो के जरिए यह मैसेज दिया कि‍ टेक कंपनि‍यां बोरिंग नहीं होतीं। कंपनि‍यों में काम करने वाले लोगों को सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का होता है। जि‍यो की ओर से जारी कि‍ए गए टीजर में दि‍खाया कि‍ इसकी लॉन्चिंग की तारीख 1 अप्रैल 2018 रखी गई है। लेकिन इस डेट पर कि‍सी ने भी ध्‍यान नहीं दि‍या, क्‍योंकि‍ जि‍यो ने मुद्दा ही इतना गंभीर उठाया था कि लोग उसके प्रैंक में फंस गए।

Facebook Comments