है जबरदस्त रुतबा, कौन है सोनिया,जो कुछ ही साल में मामूली कर्मचारी से बनी बॉस की सेक्रेटरी

कभी किसी पर इतना भी विश्वास ना कर लें कि वो आपके लिए मुश्किल खड़ी कर दें। कुछ ऐसा ही हुआ paytm के फाउंडर विजय शेखर और उनके भाई अजय शेखर के साथ। दोनों को ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने सेक्रेटरी सोनिया धवन को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि सोनिया ने ने डेटा चोरी कर उसे सार्वजनिक करने की धमकी दी थी। इसके एवज में 20 करोड़ रुपए की मांग रखी थी। पुलिस के मुताबिक सोनिया ने पति और ऑफिस के दो साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने सोनिया के अलावा 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं एक आरोपी फरार है। अजय शेखर के अनुसार, 20 सितंबर को पहली बार थाईलैंड के वर्चुअल नंबर से डेटा लीक करने के लिए धमकी भरा फोन आया था दूसरे दिन उसी नंबर से विजय के पास भी फोन आया।

sonia dhawan

आपको जानकर हैरानी होगी की सोनिया सोशल अकाउंट्स पर खुद को पेटीएम में कम्युनिकेशन हेड बताती थी। यहीं नहीं कंपनी में भी उनका जबरदस्त रुतबा था। कंपनी के अंदर उसका सिक्का चलता था। बताया जाता है कि विजय शेखर का विश्वास जीत लेने के कारण कंपनी के बड़े-बड़े अधिकारी उसके सामने बौने हो गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मानें तो पेटीएम से पहले सोनिया एक इंग्लिश न्यूज पेपर ग्रुप में बिजनेस आपरेशन मैनेजर के पोस्ट पर तैनात थी। उसी दौरान वो पेटीएम संस्थापक विजय शेखर शर्मा के कॉन्टेक्ट में आई। जनवरी 2010 में सोनिया ने अखबार की दुनिया को अलविदा कहकर ‘पेटीएम वन 97’ का दामन थाम लिया। सोनिया कंपनी में सेकेंडरी मीडिया कांट्रेक्ट के पद पर तैनात हुई थी।

सोनिया का कम्युनिकेशन स्किल बेहतरीन था, यही वजह है कि आठ साल के छोटे से वक्त में वो विजय शेखर की सेक्रेटरी बन गई। विजय शेखर शर्मा की हर बिजनेस डील में सोनिया जाया करती थी। आए दिन सोनिया का सिंगापुर, हांगकांग व बेंगलुरू का ट्रिप होता था।
चीन की सबसे बड़ी अलीबाबा कंपनी के साथ पेटीएम के संपर्क में लाने में सोनिया धवन की अहम भूमिका बताई जा रही है।
सोनिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ‘Hard work is glory, everything else is theory’ लिखा हुआ था, हालांकि तरक्की के लिए सोनिया ने खुद हार्ड वर्क की बजाए शॉर्ट कट का रास्ता अख्तियार कर लिया

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