अदालती कार्रवाई करके एक मिसाल कायम की जज कथावाला ने…..

उल्लेखनीय है कि शनिवार से अदालतों में ग्रीष्म अवकाश शरू होने वाले थे इसलिए मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शाहरुख जे कथावाला सप्ताह भर से आधी रात तक काम कर रहे हैं. वह गर्मी की छुट्टियों से पहले लंबित मामलों को निपटा देना चाहते थे. इसीलिए उन्होंने शुक्रवार को सुबह 3:30 बजे तक 135 से ज्यादा मामलों की सुनवाई की. इनमें से 70 मामले बहुत जरुरी थे.

इस बारे में कोर्ट में मौजूद रहे एडवोकेट हिरेन कमोद ने बताया कि कोर्ट रूम वरिष्ठ अधिवक्ताओं से खचाखच भरा हुआ था, जिनके मामलों की सुनवाई चल रही थी. करीब 100 जन याचिकाएं थीं जिन पर त्वरित अंतरिम राहत की मांग की गई थी.इस दौरान जस्टिस एसजे कथावाला ने सिर्फ 20 मिनट का ब्रेक लिया. वह बिना थके कोर्ट में बैठे रहे और सुनवाई के समय हर तर्क को बेहद ध्यान से सुनते रहे. बता दें कि न्यायमूर्ति कथावाला अक्सर दूसरे न्यायाधीशोंकी तुलना में करीब एक घंटा पहले सुबह 10 बजे अदालती कार्यवाही शुरू कर देते हैं और पांच बजे के बाद भी मामलों की सुनवाई करते रहते हैं.

देश की विभिन्न अदालतों में लाखों लंबित मामलों के बीच मुंबई उच्च न्यायालय से एक सुखद खबर यह आई है कि ग्रीष्म अवकाश शुरू होने के पूर्व के अंतिम कार्य दिवस शुक्रवार को न्यायमूर्ति शाहरुख जे कथावाला ने अपने सभी लंबित मामलों को निपटाने के लिए तड़के साढ़े तीन बजे तक अदालती कार्रवाई करके एक मिसाल कायम की है.

 

 

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