जन्मदिन पर बेटे ने मांगी बाइक, मकैनिक पिता ने कबाड़ से बना डाली धांसू माइलेज देने वाली BIKE

भारत देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, अगर कमी है तो सिर्फ एक मौके की। इसका एक प्रमाण झबुआ के पिटोल गांव में देखने को मिला। बाप ने बेटे के लिए धांसू बाइक बना डाली।

यहां एक पिता ने अपने बेटे की जिद्द पर कबाड़ से बाइक तैयार कर दी। दरअसल बेटे को जन्मदिन पर छोटी बाइक चाहिए थी। लेकिन, पिता की आर्थिक स्थिती ऐसी नहीं थी कि वे उसे बाइक लेकर दे सके और पिता नहीं चहता था कि उसके बेटे का दिल टूटे। जिसके चलते उन्होंने पुत्र मोह में आकर कबाड़ से जुगाड़ लगाकर ऐसी बाइक बना डाली, जिस पर सवार होकर बेटा गांव का चक्कर लगाता है तो लोगों की भीड़ उसे देखने के लिए इकट्ठी होने लगती है।

गोपाल उर्फ बंटी पेशे से मोटर साईकिल मकैनिक है। बंटी का छोटा बेटा करण जिसकी उम्र 14 साल है, करण को बाइक्स में दिलचस्पी है, जिसके चलते उसने पिता से 10 जून को जन्मदिन पर स्कूटी की मांग की। उसके पिता स्कूटी देने में असमर्थ थे। ऐसे में उन्होंने सोचा कि वे कुछ ऐसा करेंगे की बेटे की इच्छा भी पूरी हो जाए और उन पर खर्चे का बोझ भी न पड़े।

बंटी ने एक कारीगर से मदद लेकर सबसे पहले इसकी चेसिस बनवाई और फिर उसमें बुलेट का हेंडल और स्कूटी के टायर फिट किए। कबाड़ से सामान निकालकर उन्होंने बैटरी और सैल्फ का जुगाड़ किया और इस पर पल्सर बाइक की सिट फिट की। अब बंटी के सामने पैट्रोल टैंक की समस्या थी। इसके लिए उन्होंने एक बोतल को टैंक के रूप में फिट किया। इस तरह बंटी की बाइक सैल्फ मारते ही चालू हो गई।

जिस दिन बंटी की बाइक बनकर तैयार हुई उसके दूसरे दिन करण का जन्मदिन था। जब जन्मदिन के दिन बंटी ने बेटे को यह तोहफा दिया तो वह खुशी के मारे झूम उठा। छोटी सी बाईक को देखने के लिए गांववाले घरों से बाहर निकल पड़े और उन्होंने इसका नाम करण की बाइक रख दिया।

बंटी ने बताया कि यह बाइक एक लिटर में 45 किमी चलती है और इसे बनाने में 8 हजार 500 से रुपए तक का खर्च आया है। जन्मदिन पर मुंह मांगा और अनोखा गिफ्ट मिलने से जहां करण खुश है वहीं, बंटी के अनोखे कारनामे से परिवार भी फूले नहीं समा रहा है।

Facebook Comments