सोने से भी ज्यादा कीमती है यह पौधा, कहीं मिल जाये तो छोड़ना मत

धतूरे के पौधे से आप सभी लोग परिचित हैं। इसे अलग-अलग क्षेत्रों में श्वेतार्क और आंकड़ा के नाम से भी जाना जाता है। इस पौधे को बोया नहीं जाता है यह स्वतः ही उगता है। फिर भी यह पौधा हर जगह मिल जाता है। धतूरे का पौधा पूरे भारत में हर जगस आसानी से मिल जाता है। गर्मियोंं के दिनो में यह पौधा बहुत ही हरा भरा रहता है। यह पौधा गर्मियों के दिनों मे बहुत तेजी से बढ़ता है। आयुर्वेद मे इसका इस्तेमाल कई तरह की बीमारीयों को ठीक करने के लिए किया जाता है। आज हम आपको धतूरे के कुछ ऐसे लाभकारी फायदो के बारे मे बतायेंगे, जिसे शायद आप नहीं जानते होंगे।

अगर किसी व्यक्ति को बिच्छू डंक मार ले तो घतूरे को पत्तो को पीसकर उस स्थान पर मलने से काफी फायदा मिलता है।

फोड़े-फुंसी और घाव के पक जाने पर सरसो के तेल मे घतूरे के पत्तियों का रस मिलाकर लगाने से दर्द मे काफी राहत मिलता है। एक्सपर्ट की माने तो ऐसा करने से मवाद बाहर निकल जाता है और शरीर घाव जल्दी सूखने लगता है।

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धतूरे के बीज को कांजी के साथ पीसकर लेपने से हांथी पांव, अंडवृद्धि एवं अन्य कई प्रकार की सूजन में काफी आराम मिलता है।

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