इस इंजीनियर का नया दावा खुद को विष्णु का अवतार कहने वाले……

हाल ही आपने खुद को विष्णु का अवतार बताने वाले गुजराती व्यक्ति के बारे में पड़ा होगा. अब उनके हिसाब से गुजरात में इस साल मानसून अच्छा रहेगा. खुद को ‘कल्कि’ (भगवान विष्णु का अवतार) बताने वाले रमेशचंद्र फेफर ने दावा किया है कि भारत में पिछले 19 साल से अच्छी बारिश के लिए उनकी गहन तपस्या सहायक बनी है.

सरदार सरोवर पुनर्वास एजेंसी (एसएसपीए) में अधीक्षण अभियंता रमेशचंद्र फेफर ने दावा किया कि मां दुर्गा एक बार उन्हें बिना टिकट यात्रा करने के लिए भी कह चुकी हैं. फेफर ने एसएसपीए द्वारा जारी नोटिस के जवाब में अपनी दिव्य शक्तियों का दावा किया है, जो तेजी से वायरल हुआ. ड्यूटी से लंबे समय तक अनुपस्थिति रहने पर एसएसपीए ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था. पिछले आठ महीनों में रमेशचंद्र फेफर सिर्फ 16 दिन ही ऑफिस गए थे. उन्होंने नोटिस के जवाब में कहा कि उम्र के पांचवें दशक में पहुंच चुके हैं इसलिए वह कार्यालय नहीं आ सकते. वह तपस्या में लीन हैं.

फेफर का दावा है कि उन्हें मां दुर्गा ने आदेश दिया है. वह कहते हैं, ‘मैं मां दुर्गा का साधक हूं. मुझे देवी जगदम्बा (दुर्गा) और भगवान विष्णु से मानवता की खातिर कार्य करने का आदेश मिलता है.’ इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के ही कहने पर वह इंटरव्यू देने को तैयार हुए हैं. इंजिनियर का दावा है कि वह हर पल भगवान से जुड़े रहते हैं. वह कहते हैं, ‘मां का मुझ पर पूर्ण नियंत्रण है. मैं उनके आदेश का पालन करता हूं. वह आगे कहते हैं, मेरा दोहरा व्यक्तित्व है- एक जीव भाव और दूसरा ब्रह्म भाव. जब मैं टीवी कैमरा पर था तो मैं ब्रह्म भाव में था.’  फेफर यह जानते हैं कि उनका परिवार को अब तक उनके दावे पर यकीन नहीं है. उन्होंने कहा, ‘5 सितंबर 2014 को मैंने अपनी पत्नी को बताया कि मैं भगवान विष्णु का 10वां अवतार हूं. जब लोगों को कुछ पता चलता है तो वह उस पर यकीन नहीं करते लेकिन आने वाले भविष्य में इसका सबूत मिल जाएगा.’

उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी महानता का संकेत अपनी जन्म कुंडली से मिला था. उन्होंने बताया, ’11 अगस्त 1999, मुझे ऐसा महसूस किया कि मेरा शरीर मुझसे अलग हो गया है और दिव्य आनंद से भर गया है.  मेरी पत्नी ने मेरी जन्म कुंडली चेक की और इसमें लिखा था कि मैं एक मानव चिंतक बनूंगा. इसके बाद जब मैं उम्र के चौथे दशक में था एक वैकल्पिक चेतना में मुझे आकार मिला.’ वह आगे बताते हैं, ’14 फरवरी 2008 में मैं राजकोट में था, जब मुझे अहसास हुआ कि मेरा दाहिना मस्तिष्क सक्रिय हो गया है. इसी समय मुझे पता चला कि मैं विष्णु का अवतार हूं. 6 मार्च 2010 को जब मैं ड्यूटी पर था, मुझे मेरे अंदर भगवान विष्णु की शक्तियों का अहसास हुआ.’ वह कहते हैं, ‘मेरा भगवान से सीधा संबंध है और मैं उनके आदेशों का पालन करता हूं. मेरी आत्मा परमात्मा से मिल चुकी है.’

उन्होंने बताया कि जब उनकी दाहिनी आंख फड़कने लगती है तो इसका मतलब है कि भगवान उनसे संपर्क करना चाह रहे हैं. उन्होंने बताया, ‘एक दिन मां दुर्गा ने मुझे दिल्ली से हरिद्वार के लिए एक ट्रेन टिकट बुक करने को कहा. मुझे कंफर्म टिकट नहीं मिली लेकिन मां दुर्गा ने मुझे उस सीट के बारे में बताया जो खाली थी.

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