कन्या राशिफल 2018: इस साल मजबूत होगी आर्थिक स्थिति

राशिफल 2018 के अनुसार यह वर्ष कन्या राशि के जातकों के लिए अच्छा रहने वाला है। आर्थिक स्थिति बढ़िया रहने वाली है, पैसों का आगमन सुचारू रूप से रहेगा, आय के कुछ नए स्रोत भी पैदा होंगे परन्तु जोखिम भरे मामलों में निवेश करने से बचना होगा, लेन-देन में सावधानी बरतें। जनवरी महीने में मुनाफ़े की संभावना है, अक्टूबर के बाद आपको हर एक काम में सफलता मिलेगी। समय अनुकूल है, नौकरी बदल सकते हैं। काम के सिलसिले में दूर की यात्रा का योग बन रहा है, व्यापार और काम के सिलसिले में की गई यात्रा से अप्रत्याशित लाभ होगा। प्रिटिंग, कपड़ा, इस्पात या स्टील से संबंधित व्यापर में शानदार लाभ प्राप्त होगा। ज़मीन-ज़ायदाद ख़रीदने के लिए समय अनुकूल है। विद्यार्थी को एकाग्रता में कमी देखने को मिलेगी, पढ़ाई में कोई-ना-कोई बाधाएँ आती ही रहेंगी, बेहतरीन परिणाम के लिए अधिक मेहनत करनी होगी।

पारिवारिक जीवन मिला-जुला परिणाम मिलेगा। विवाहित जातकों एक-दूसरे के साथ रोमांटिक पल गुज़ारेंगे। परिवार के सदस्यों के बीच चली आ रही अनबन ख़त्म होगी, फ़रवरी महीने के बाद प्यार बढेगा, अप्रैल महीने में रोमांश चरम सीमा पर होगा हालाँकि आपको वाणी पर नियंत्रण रखने की ज़रूरत होगी। जीवनसाथी की सेहत अक्टूबर महीने में थोड़ी नाजुक रह सकती है। स्वास्थ्य की समस्याओं के कारण बच्चे परेशान हो सकते हैं। आपकी सेहत भी कमज़ोर रह सकती है। आपको जोड़ों में दर्द, अपच और बदलते मौसम के कारण दिक्क़त होने की संभावना नज़र आ रही है। वाहन चलाते वक़्त सावधान रहें। घर पर धार्मिक कार्यों का भी आयोजन होगा, आपका सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा।

वर्ष 2018 को अच्छा बनाने के उपाय:

– अनाथ व निर्धन विद्यार्थियों की मदद करें।
– नागरमोथा की जड़ धारण करें।
– ज़रुरतमंदों को रंगीन कंबल दान करें।
– शनिवार या मंगलवार को हनुमान मंदिर में पताका चढ़ाएँ।
– घर में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी देखभाल करें। रविवार को छोड़कर नियमित रूप से तुलसी में जल दें।
– बुधवार के दिन तुलसी के पत्ते का सेवन जरूर करें।
– सख्त शाकाहारी बनें और अल्कोहल छोड़ दें; मांस-मदिरा से परहेज करना चाहिए।
– किसी भी मंदिर में दूध और चावल दान करें।
– बंदरों को गुड़ दान करना चाहिए।
– खाने से पहले हर दिन कौवे खिलाओ।
– पक्षियों को दाना डालना शुभ है।
– सोने और चाँदी की चेन धारण करना चाहिए।
– कुष्ठ रोगियों की सेवा करनी चाहिए; राहु बीज मंत्र का नियमित रूप से जप करें।
– शाम को खाने के बाद कुत्ते को रोटी और बिस्कुट खिलाएँ और सुबह की शुरूआत मां के चरण स्पर्श करके करे।

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