भारत माता की जय बोलने वाले एक और हिन्दू युवक की मौत : तिरंगा यात्रा मैं राहुल भी था चंदन गुप्ता के साथ

source
source

उत्तर प्रदेश के काशगंज जिले के अंदर जो कुछ गणतंत्र दिबस के अबसर पर घटित हुआ उसकी जितनी निंदा की जाए कम ही होगी। कुछ जिहादी सोच रखने बाले लोगो ने तिरंगा यात्रा निकाल रहे लोगो पर हमला कर दिया और फिर उन लोगो को बुरी तरह से पीटा और इसकी साथ ही उन जिहादियों ने उन लोगो पर फायरिंग भी की जिस मैं उसी दिन चन्दन गुप्ता की मौत हो गयी और उनका एक साथी राहुल उपाध्याय गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था।

कल सुबह राहुल उपाध्याय ने भी अलीगढ़ के एक अस्पताल मैं इलाज के समय दम तोड़ दिया। तिरंगा यात्रा मैं शामिल हो कर बन्दे मातरम और जय हिन्द के नारे लगाना इस स्वतंत्र देश मैं लोगो को काफी महंगा पढ़ गया। इन दोनों नौजबानो के साथ साथ इनके घर बालो ने भी कभी सपने मैं भी नहीं सोचा होगा की जिस आजाद देश मैं हम घूम रहे है उसी देश मैं उनको अपने तिरंगा को लहराने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।

अफसोश की बात यह है की इस देश मैं किसी के खिलाफ बोलने से लेकर प्रधान मंत्री तलक को लोग गलियां de जाते है मगर आपने इस देश के अंदर अगर तिरंगा लहराने या फिर बन्दे मातरम बोलने की हिम्मत की तो कुछ जिहादी सोच बाले लोग आपका बिरोध करने लग जाते है। बिरोध ही नहीं बल्कि आपको अपनी जान देकर उसकी कीमत भी चुकानी पढ़ जाती है इस देश मैं तिरंगा को लहराने के जुर्म मैं। क्या यह एक बाकई जुर्म है ?

कासगंज मैं इन जिहादियों ने न सिर्फ इस स्वतंत्र देश मैं तिरंगा यात्रा का बिरोध किया बल्कि उस रैली मैं शामिल लोगो पर हथियारों से हमला किया ,पत्थर फेके ,गोलिया चलाई उनके ऊपर। और इसी रैली मैं शामिल चन्दन गुप्ता व उनके एक साथी राहुल उपाध्याय को इन जिहादियों ने गोली मार दी। राहुल उपाध्याय भी अपने साथी चन्दन गुप्ता की तरह अपने ही देश मैं तो तिरंगा लहराकर बंदे मातरम बोल रहा था। जिसकी इन दोनों के कीमत अपनी जान देकर चुकानी पढ़ी।

 

रैली के ऊपर पत्थर बाजी और उन लोगो पर बरसाई जा रही गोलियों की बजह से चन्दन गुप्ता की तो मौके पर ही मौत हो गई मगर राहुल उपाध्याय इन सब मैं गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल होने के तुरंत बाद राहुल को अस्पताल पहुँचाया गया। अलीगढ़ के एक अस्पताल मैं राहुल का इलाज सुरु किया गया मगर कल सुबह राहुल ने भी इलाज के समय अपने प्राण त्याग दिए। और इसी तरह एक और हिन्दू भाई को अपने ही देश मैं तिरंगे को लहराने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पढ़ी। और उन जिहादियों ने एक ही दिन मैं देश की स्वतंत्रता और निजता को मौत के घात उतार दिया।

Facebook Comments