कठुआ-पीएम मोदी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- बेटियो को न्याय मिलकर रहेगा…..

पीएम मोदी नई दिल्ली में डॉ.अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक के लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह की घटनाएं हमने बीते दिनों में देखीं हैं, वो सामाजिक न्याय की अवधारणा को चुनौती देती हैं। पिछले 2 दिनो से जो घटनायें चर्चा में हैं वो निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिये शर्मनाक हैं। एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार हैं।

गैंगरेप की दोनों घटनाओँ पर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी घटनाओँ से पूरा देश शर्मसार है। बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा। न्याय दिलाना हमारी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि देश के किसी भी राज्य में, किसी भी क्षेत्र में होने वाली ऐसी वारदातें, हमारी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती हैं। मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कोई भी अपराधी बचेगा नहीं, न्याय होगा और पूरा होगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे समाज की इस आंतरिक बुराई को खत्म करने का काम, हम सभी को मिलकर करना होगा।

उन्होंने कहा कि मैंने तो लाल किले से बोलने का साहस किया था कि लड़की से नहीं, लड़कों से पूछो। हमें पारिवारिक व्यवस्था, सामाजिक मूल्य से लेकर न्याय व्यवस्था तक, सभी को इसके लिए मजबूत करना होगा, तभी हम बाबा साहेब के सपनों का भारत बना पाएंगे, न्यू इंडिया बना पाएंगे।

कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी और न आज चाहती है कि दलित और पिछड़े विकास की मुख्यधारा में आएं। जबकि हमारी सरकार, बाबा साहेब के दिखाए रास्ते पर चलते हुए, सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हमें बाबा साहब से जुड़े 5 स्थानों को पंच तीर्थ के तौर पर विकसित करने का अवसर मिला है। ये हैं महू में बाबा साहेब की जन्मभूमि, लंदन में डॉक्टर अंबेडकर मेमोरियल उनकी शिक्षाभूमि, नागपुर में दीक्षाभूमि, मुंबई में चैत्य भूमि और दिल्ली में उनकी महापरिनिर्वाण भूमि।

कांग्रेस सिर्फ भ्रम फैला सकती है, इस कोशिश की एक तस्वीर इस महीने की 2 तारीख को हम देख चुके हैं। कभी आरक्षण खत्म किए जाने की अफवाह फैलाना, कभी दलितों के अत्याचार से जुड़े कानून को खत्म किए जाने की अफवाह फैलाना, भाई से भाई को लड़ाने में कांग्रेस कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही।

 

उन्होंने कहा कि दशकों से हमारे देश में जो असंतुलन बना हुआ था हमारी सरकार उसे दूर करने का काम कर रही है। स्वतंत्रता के बाद बहुत सरकारें आईं लेकिन जो कार्य बहुत पहले हो जाना चाहिए था वह काम दशकों के बाद आज हो रहा है। 125 करोड़ देशवासियों को आज डॉ। अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक के रूप में एक अनमोल उपहार मिला है, इसके लिए सभी को बहुत बहुत बधाई। बाबा साहब की याद में निर्मित ये स्मारक उन्हें देश की तरफ से भावभीनी श्रद्धांजलि है।

1992 में 15 जनपथ पर बने अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर का विचार सामने आया था। 22 साल तक इसकी भी फाइल कहीं दबी रह गई। अप्रैल 2015 में मैंने इस सेंटर का शिलान्यास किया और कुछ महीने पहले ही दिसंबर में इसका लोकार्पण भी किया। हमारी सरकार की हर योजना में सामाजिक न्याय, बिना किसी भेदभाव और सभी को समानता का अधिकार देने का प्रयास देशवासी महसूस कर सकते हैं।

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