जानें, टेस्‍ट मैच के दौरान लंच और टी ब्रेक में दौरान क्‍या खाते हैं खिलाड़ी

कोई भी इंसान भूखे पेट कुछ नहीं कर सकता हैं तो ऐसे में हमारे भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी भला भूखे पेट कैसे खेल सकते हैं| आप सब तो जानते ही हैं की टेस्ट मैच 5 दिनों तक चलता हैं ऐसे जाहिर सी बात है की मैच के दौरान खिलाड़ियों को भी भूख लगती ही होगी। इसलिए उनके लिए लंच और टी ब्रेक का भी इंतज़ाम किया जाता है|

ऐसे में आप सोच रहें होंगे की हमारे भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी क्या खाते होंगे क्योंकि क्रिकेट के खिलाड़ीयों के पास बहुत पैसा होता हैं और वो साधारण खाना तो खाते नहीं होंगे| हमारे भारतीय खिलाड़ी अपने सेहत का खास ख्याल रखते हैं इसलिए वो कुछ भी ऐसा-वैसा नहीं कहते हैं तो उनके सेहत के लिए हानिकारक हो| वो ऐसा ही खाना खाते हैं जो उनके सेहत के लिए हेल्दी हो| खिलाड़ी इस बात का भी खास ध्यान रखते हैं की उनके खाने में ज्यादा फैट वाली चीजें ना हो|

मैच के दौरान खिलाड़ी पूरी तरह से फिट और स्वस्थ रहें इसलिए इस बात का खास ध्यान रखा जाता है उनका खाना भी हेल्दी रहे। इसलिए खिलाड़ियों के खाने का खास ध्यान रखा जाता हैं| ऐसे में नॉनवेजीटेरियन और वेजीटेरियन दोनों तरह के खिलाड़ियों के लिए खाने की अलग व्यवस्था की जाती हैं| टेस्ट मैच के समय खिलाडियों को लंच ब्रेक 30 ओवर के बाद ही दिया जाता है और लंच के बाद भी 30 ओवर खेलना पड़ता हैं उसके बाद ही उन्हें टी-ब्रेक दिया जाता है। मैच के समय खिलाड़ियों का जोश और उत्साह बना रहे इसलिए उनका डायट पहले से ही बना होता है और उसी डायट के हिसाब से ही खिलाड़ियों को खाना दिया जाता हैं|

दोपहर का खाना
दोपहर के समय बहुत ज्यादा धूप रहती हैं| इसलिए खिलाड़ी बहुत ज्यादा थक जाते है| ऐसे में उनके खाने में ऐसी चीजों को शामिल कीया जाता है जिससे उन्हें एनर्जी मिले और उनके शरीर में स्फूर्ति बनी रहें| जो खिलाड़ी होते हैं उनके लिए हरी सब्ज़ियां, आलू और दाल की व्यवस्था होती हैं और नॉनवेज खाने वालों के लिए चिकन और फिश के डिश की व्यवस्था रहती है। इसके अलावा दोपहर के खाने के साथ आइसक्रीम भी रखी जाती है।

वैसे तो खिलाड़ियों के ऊपर कोई बंदिश नहीं होती है कि वो मेन्यू में शामिल चीजों को ही खाएं बल्कि वो अपनी मनपसंद की दूसरी चीज़ें भी खा सकते हैं। जो भी खिलाड़ी लंच के बाद खेलने जाते हैं उन्हें प्रोटीन से भरपूर चीज़ें खिलाई जाती है और उनकी डायट में ऐसी चीजों को शामिल किया जाता है जिसमें फैट कम और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज़्यादा हो। इस तरह की डाइट ही इनके लिए जरूरी है।

टी टाइम
लंच करने के बाद खिलाड़ी 2 घंटे तक खेलते हैं फिर उनको टी-ब्रेक दिया जाता है। इस दौरान वो खेल के मैदान से बाहर जाकर चाय-कॉफी और हल्का नाश्ता भी कर सकते हैं। वैसे खिलाड़ियों की खाने की चीजों को प्रोफेशनल शेफ ही बनाते है। यहां तक कि कुछ ऐसे भी खिलाड़ी हैं जो अपना अलग से शेफ भी रखते हैं और उनके ही शेफ उनके लिए खाना बनाते हैं|

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