Dharm : बड़े से बड़े जहाजों को भी अपनी तरफ खींच लेता था यह अनोखा मंदिर

भारतीय संस्कृति और हिन्दुअों के धार्मिक स्थल पूरी दुनिया में ही फैले हुए हैं। देश-विदेश में ऐसे बहुत से मंदिर हैं, जिन्हें देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। मगर आज हम आपको भारत के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है, जिसकी ओर बड़े से बड़ा जहाज भी खींचा चला जाता था। आइए जानते हैं इस दिलचस्प मंदिर के रहस्य के बारे में।

PunjabKesari

उड़िसा के पुरी शहर में स्थित कोणार्क सूर्य मंदिर एक ऐसा मंदिर है, जिससे ओर बड़े से बड़ा जहाज भी खींचा चला जाता था। बेहद खूबसूरत और रहस्यमयी यह मंदिर उत्तर पूर्वी किनारे पर समुद्र तट के करीब स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि कोणार्क सूर्य मंदिर को पहले समुद्र के किनारे बनाया गया था लेकिन धीरे-धीरे समुद्र कम होता गया और मंदिर भी समुद्र किनारे से थोड़ा दूर हो गया। इस मंदिर के गहरे रंग के कारण इसे काला पगोडा भी कहा जाता है।

PunjabKesari
PunjabKesari

इस मंदिर में लगा था चुंबक
ऐसा कहा जाता है कि इस आज भी इस मंदिर में साक्षात भगवान के दर्शन होते हैं। इस मंदिर की खास बात यह है कि इसमें 52 टन का चुंबक लगा है और इसी कारण कोणार्क के समुद्र से गुजरने वाले जहाज इस ओर खिंचे चले आते हैं। इससे उन्हें भारी क्षति हो जाती है इसलिए अंग्रेज इस पत्थर को अपने साथ निकाल ले गए। मगर इस पत्थर को हटाने के बाद दीवारों के सभी पत्थर असंतुलित हो गए और मंदिर की दीवारों का संतुलन खो गया, जिससे वह गिर गया।

PunjabKesari
PunjabKesari

ये भी है खास
यहां कि अद्वितीय मूर्तिकला और कई कहानियां इस मंदिर को खास बनाती है। भारत के इस प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर को यूनेस्को ने विश्व-धरोहर में शामिल कर लिया गया है। इस मंदिर में सूर्य भगवान की तीन प्रतिमाएं हैं। बाल्यावस्था उदित सूर्य की ऊंचाई 8 फीट है। युवावस्था जिसे मध्याह्न सूर्य कहा जाता है और इसकी ऊंचाई 9.5 फीट है जबकि तीसरी अवस्था है प्रौढ़ावस्था जिसे अस्त सूर्य भी कहा जाता है, जिसकी ऊंचाई 3.5 फीट है।

PunjabKesari

किसने बनवाया था यह मंदिर?
लोगों का मानना है कि यह मंदिर पूर्वी गंगा साम्राज्य के महाराजा नरसिंहदेव ने 1250 CE में बनवाया था। इस मंदिर का आकार रथ की तरह है, जिसमें कीमती धातुों के पहिए, पिल्लर और दीवारें बनी हुई हैं। इस मंदिर का निर्माथ सूर्य भगवान के रथ की तरह करवाया गया है।

PunjabKesari

PunjabKesari

Facebook Comments