‘मी टू अर्बन नक्सल’ की तख्ती पहनने पर कर्नाड के खिलाफ मामला दर्ज, ज्ञानपीठ से हैं सम्मानित

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित  गिरीश कर्नाड के खिलाफ दो संगठनों ने बंगलुरु पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है। दरअसल, गिरीश 5 सितंबर को पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की पुण्यतिथि के एक कार्यक्रम में शामिल होने उनके घर गए थे। इस दौरान उन्होंने अपने गले में ‘मैं भी  शहरी नक्सल’ का प्लेकार्ड लटका रखा था। जिसपर उक्त संगठनों ने गिरीश कर्नाड पर नक्सलवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

एटवोकेट अमृतेश एन.पी. ने कर्नाड के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में उन्होंने कहा  कि गिरीश कर्नाड को नक्सलवाद को उकसाने के लिए तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। अमृतेश ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि कर्नाड जैसे गणमान्य व्यक्ति नक्सलवाद के समर्थन में बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की तख्ती धारण कर कर्नाड ने नक्सलवाद को उकसाने का प्रयास किया है। कोई कैसे एक प्रतिबंधित संगठन का बैनर धारण कर सकता है और उसका समर्थन कर सकता है। यह संविधान का अपमान है।

वहीं, इस बाबत श्री राम सेन और हिंदू जन जागृति समिति के सदस्यों ने कमिश्नर टी. सुनील कुमार से मुलाकात की। इन संगठनों ने  कमिश्नर से कर्नाड के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नक्सली संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे संगठनों को अवैध करार दिया गया है। इसके बावजूद कर्नाड ने ऐसी हरकत की है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

इस पर कमिश्नर ने कहा कि इस संबंध में सहयोगियों से बात करने के बाद  कार्रवाई को लेकर जल्द फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा  श्री राम सेन के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने पुलिस आयुक्त से आग्रह किया कि वे ‘गौरी लंकेश बलागा’ के सदस्यों के खिलाफ राष्ट्र विरोधी वक्तव्य देने के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। आपको बता दें कि बुधवार को गौरी लंकेश के घर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कर्नाड कई अन्य कार्यकर्ताओं के साथ हिस्सा लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे लोगों ने माओवादियों के साथ संबंध होने के आरोप में देशभर से पांच कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर नजरबंद किए जाने के विरोध में भी प्रदर्शन किया।

Facebook Comments