रियल हीरो: नौकरी छोड़कर हजारों गरीबों को खाना खिलाता है ये शख्स

कहते हैं अगर सच्चे दिल से किसी की मदद करना चाहो तो आपके रास्ते में कोई बाधा नहीं आती। कुछ ऐसा ही कर दिखाया दिल्ली के इस शख्स ने, जो अपना सारा काम छोड़कर गरीबों को मुफ्त में खाना खिला रहा है।

जी हां- आज हम बात कर रहे हैं दिल्ली के रहने वाले दिनेश की… दिनेश अस्पताल के बाहर गरीबों की भूख मिटाते हैं। ये सारा खाना उनके घर पर बनता है। गरीबों तक खाना पहुंच सके, इसके लिए उन्होंने गाड़ी का सहारा लिया, और गाड़ी से अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों को भूख के खिलाफ लड़ने के लिए जागरुक कर रहे हैं।

बता दें कि दिनेश और उनकी टीम आज भी हर मंगलवार, शनिवार और त्योहारों पर गरीबों को खाना खिलाते हैं। उनके खाने में पूरी-सब्जी, हलवा और काबुली चना होता है। इसके अलावा खास मौकों पर मिठाई भी होती है। दिनेश ने बताया कि वह एक बार 1000 लोगों को खाना खिलाते हैं। दिनेश ने आगे कहा कि गरीबों का पेट भरने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी थी, और इस काम में लग गए। दिल्ली ने सभी सरकारी अस्पतालों में जाकर वह गरीबों की मदद करते हैं। गरीबों को खाना खिलाते हैं।

अच्छी बात ये है कि इस काम में दिनेश चौधरी का पूरा परिवार साथ देता है। इस गाड़ी पर हनुमानजी की तस्वीर वाला एक बैनर लगा रहता है। जिसपर लिखा होता है, ‘बालाजी कुनबा- एक परिवार भूख के खिलाफ’। इसमें आगे लिखा है, ‘वह मंदिर का लड्डू भी खाता है, मस्जिद की खीर भी खाता है। वह भूखा है ‘साहब’ उसे, मजहब कहां समझ में आता है।’

पिछले करीब 15 महीनों से यह सिलसिला चल रहा है। दिनेश ने बताया, ‘मैं अक्सर भूखे बच्चों को सड़क किनारे भीख मांगते देखता था, तभी मैंने फैसला किया कि इन्हें पैसे देने से अच्छा है खाना दिया जाए।’ वहीं वे यह भी कहते हैं कि उनसे भी अच्छा और बड़ा काम करने वाले लोग भी हैं। लेकिन यह तो उनका बड़प्पन है। दरअसल वे खुद न जाने कितने लोगों के भूखे पेट का सहारा बन गए हैं। ऐसे लोग ही हमारे समाज के रियल हीरो हैं।

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