सीआईए एजेंसी की लीक हुई रिपोर्ट्स में सामने आ चुका है सच,किया जाता है दर्दनाक टॉर्चर…

सीआईए को दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी में से एक माना जाता है। एजेंसी आतंकवाद के आरोप में बंद कैदियों को 180 घंटे तक जगाने से लेकर उनके कपड़े उतरवाने तक उन्हें तरह-तरह से इन्टेरोगेट करती है।

सीआईए की कैद से निकले कई कैदियों ने यहां के टॉर्चर के दर्दनाक तरीकों के बार में भी बताया था और कहा था कि हम हर दिन यहां से रिहाई की दुआ करते थे।

अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) की कमान पहली बार एक महिला के हाथों सौंपी गई है। अब इसका जिम्मा जीना हास्पेल उठाएंगी।

मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट वॉच ने इसके इन्टेरोगेशन प्रोग्राम को क्रूर और गैर कानूनी बताया था। ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से जारी सीआईए मेमोज और इंटरनेशनल कमेट ऑफ रेड क्रॉस की लीक हुई रिपोर्ट्स में भी इनके तरीकों की सच्चाई सामने आ चुकी है। यहां हम इन्टेरोगेशन के कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिसे सीआईए इस्तेमाल कर चुका है।

कैदियों को 48 घंटे से 180 घंटों तक जगाकर रखा जाता है और वो भी खड़ा करके। इसके लिए उन्हें अथॉरिटी हासिल है। उन्हें खड़ाकर हाथों को ऊपर उठाकर बांध दिया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीआईए ने अरसाला खान नाम के एक कैदी को ऐसे ही करीब 56 घंटे जगाकर रखा था। इसके अलावा सीआईए की कैद में रहे 14 कैदियों ने बताया था उन्हें सोने ही नहीं दिया जाता। इनमें से एक ने बताया कि जैसे ही हमें नींद आती वैसे ही एक गार्ड मेरे पास आता और मेरी आंखों पर पानी का स्प्रे कर जाता था।

सीआईए पूछताछ के लिए कैदियों के कपड़े तक उतरवा लेती है। हालांकि, 2005 में जस्टिस डिपार्टमेंट ने इसे लेकर सीआईए को एक मेमो जारी किया था और इसे लेकर आपत्ति जताई गई थी। इसमें लिखा गया था कि एक कैदी को नेकेड करने पर उसे आगे शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी।

 

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