अगर शरीर में हैं इस जगह सूजन तो हो सकती किडनी खराब….

आपको बता दें कि मानव शरीर में दो किडनी होती हैं, इनके सही तरीके से काम न करने पर जीने की संभावना बहुत कम रह जाती है। रीढ़ की हड्डी के दोनों सिरों पर बीन के आकार के दो अंग होते हैं, जिन्‍हें किडनी कहते हैं। शरीर के रक्‍त का बड़ा हिस्सा गुर्दों से होकर गुजरता है।

खराब लाइफस्टाइल की वजह से आपके शरीर में अचानक से कौन सी बीमारी घर कर दे इस बात पता नहीं चलता है। कहा जाता है कि किडनी हमारे शरीर के गंदगी को साफ करती है। इसलिए किडनी को हेल्दी रहना बहुत जरूरी है।

किडनी रोग के लक्षण

मूत्र कम आना या ज्‍यादा आना किडनी रोग का पहला लक्षण है। गुर्दे की समस्‍या से ग्रस्‍त व्‍यक्ति को सामान्‍य की तुलना में कम या ज्‍यादा मूत्र आता है। ऐसे व्‍यक्ति को अक्‍सर रात में ज्‍यादा पेशाब आता है और रोगी के पेशाब का रंग गहरा होता है। कई बार रोगी को पेशाब का अहसास होता है, लेकिन टॉयलेट में जाने पर वह पेशाब नहीं कर पाता। पेशाब में खून आना भी किडनी रोग का लक्षण होता है। यह समस्‍या अन्‍य कारणों से भी हो सकती है, लेकिन इसका पहला कारण किडनी रोग ही माना जाता है। इस तरह की परेशानी होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

किडनी शरीर से तमाम अशुद्ध अवशेषों को बाहर निकालने का काम करती है। जब गुर्दे सही ढंग से काम नहीं कर पाते, तो शरीर में बचे ये अवशेष सूजन का कारण बन जाते हैं। ऐसे में हाथ, पैर, टखनों और चेहरे पर सूजन आ जाती है।

गुर्दे शरीर में एथ्रोपोटीन हार्मोन का उत्‍पादन करते हैं। जिससे लाल रक्‍त कणिकाओं के निर्माण में सहायक होता है, ये ऑक्‍सीजन को खींचने में सहायक होती हैं। किडनी के सही ढंग से काम न करने पर व्‍यक्ति एनीमिया का शिकार हो जाता है। शरीर में रक्‍त की कम मात्रा होने पर व्‍यक्ति को थकान और कमजोरी महसूस होती है।

यदि आपके गुर्दे सही तरीके से काम नहीं करते, तो आपको ठंड का अहसास ज्‍यादा होता है। चारों तरफ गर्म वातावरण होने पर भी रोगी को ठंड लगती है। किडनी इन्‍फेक्‍शन बुखार का कारण भी बन सकता है।किडनी के सही से काम न करने पर आपके शरीर में गंदा खून मौजूद रहता है। जिससे रोगी के शरीर पर चकत्ते और खुजली की समस्‍या भी हो सकती है।

 

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