मां बाप की गलती बच्चे को बना देती है किन्नर…..

ऐसी मान्यता है कि किन्नरों की बद्दुआ कभी नहीं लेनी चाहिए वरना वो जरूर सच हो जाती है। किन्नरों में आधे गुण पुरुष के और आधे गुण महिलाओं के होते है जो समाज से इनको अलग करते है। आपके दिमाग में एक बात तो जरूर आती होगी कि आखिर किन्नर पैदा कैसे होते है। 

किन्नर होने के होते हैं ये कारण मेडिकल साइंस की माने तो महिला जब गर्भवती होती है तो 3 माह के बाद शिशु का विकास होना शुरु हो जाता है। इसी बीच अगर मां को कोई बीमारी या समस्या हो जाती है, तो गर्भ में हार्मोंन्स की समस्या के कारण शिशु के अंदर महिला और पुरुष दोनों के ऑर्गन्स आ जातें है।

दवा से हो सकता है नुकसान गर्भावस्था के दौरान अगर मां कोई दवा खा ले और वो नुकसान कर जाए तो शिशु किन्नर हो सकता है। हैवी दवा है नुकसानदेह अगर गर्भ के समय होने वाली में की तबियत खराब हो जाएं या उसको तेज बुखार आ जाए और दवा का हैवी डोज मां ले ले तो बच्चे के किन्नर पैदा होने की संभावना बढ़ जाता है।

 

मां बाप की गलती बच्चे को बना देती है किन्नर

दुर्घटना के कारण यदि महिला गर्भावस्था के तीन महीने के अंदर किसी दुर्घटना का शिकार हो जाए तो बच्चे के किन्नर बनने के चांस बढ़ जाते है। गर्भपात की दवा भी है एक कारण अगर कोई महिला गर्भ धारण करने के बाद बिना किसी डॉक्टर के सलाह के गर्भपात करने की दवा खाती है, तो ऐसे मौके पर बच्चे के किन्नर बनने की संभावना बढ़ जाती है।

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