किसान धान को समिति में न लाकर सीधे मिलर्स के पास ले जाएंगे…..

छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानो के हित में एक फैसला किया है. अब प्रदेश सरकार ने ओडिशा सरकार की तर्ज पर किसानों से धान पर समर्थन मूल्य खरीदने का फैसला किया है. 

ओडिशा सरकार की धान खरीदी  वयवस्था को जानने के लिए एक प्रदेश स्तरीय अध्ययन ग्रुप पिछले दिनों ओडिशा भी गए थे. इस वयवस्था से यह फायदा होगा कि धान खरीदने के बाद पर समिति से संग्रहण केंद्र तक ले जाने के बाद उसकी रक्षा भी की जा सकेगी और इस समस्या से सरकार को राहत मिल जायेगी.

 

इस वयवस्थाके अनुसार समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों का पंजीयन समिति करेगी. किसानों का पंजीयन होने के बाद धान बेचने से पहले किसानों को एक बार फिर समिति में आना होगा. यहां किसान को समिति एक पर्ची देगी किसानो को ये जानकारी मिलेगी की कितना धान बेचना है.

 

किसानो को मिली पर्ची में उन्हें  राइस मिलर्स का नाम भी पता चल सकेगा. इससे किसान धान को समिति में न लाकर सीधे मिलर्स के पास ले जाएंगे. मिलर्स पर धान को तौला भी जा सकेगा. धान को तौलने के बाद किसानो को मिलर्स ये लिखकर भी देंगे कि कितना धान खरीदा गया है इसका पूरा हिसाब रहेगा.

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