जनिएं कैसे बरसेगी शनि व हरि की कृपा एक साथ …..

अधिक मास का अंतिम शनिवार होने के कारण ही इस दिन शनिदेव का पूजन पहले से दोगुना फल मिलेगा। इतना ही नहीं इस बार शनि देव के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा भी अति फलदायक साबित होगी।

हिंदू पंचांग के अनुसार मई माह की 16 से लेकर जून की 13 तक पुरुषोत्तम मास चलेगा। ज्योतिष गणना के मुताबिक इस सप्ताह अधिक मास का आख़िरी शनिवार है, जिस कारण इस शनिवार की महत्ता बढ़ गई है। कहते हैं कि जो भी इस माह में भगवान श्री हरि का विधिवत पूजन करता है उसे ढेरों लाभ मिलते हैं और हर तरह की समस्या से निजात मिलती है।

अधिक मास का अंतिम शनिवार होने के कारण ही इस दिन शनिदेव का पूजन पहले से दोगुना फल मिलेगा। इतना ही नहीं इस बार शनि देव के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा भी अति फलदायक साबित होगी। तो आईए आपको बताएं कि इस दिन शनि देव के कुछ ख़ास उपाय करने से आपकी कुंडली से शनि से संबंधित सारे दोष दूर हो सकते हैं-

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सुबह स्नान के पानी में गंगाजल डालकर नहाएं, नहाते समय समस्त तीर्थ स्थानों का ध्यान करें।

शनिवार पीपल को जल चढ़ाएं और सात परिक्रमा करें।

शिवालय में जाकर तांबे के लोटे से भगवान शिव को जल और काले तिल चढ़ाएं। इसके बाद, “ऊं नम: शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।

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बजरंगबली के मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

गरीब व्यक्ति को जूते-चप्पल और काला छाता दान में दें।

किसी ज़रूरतमंद इंसान को सवा किलो काले तिल और काली उड़द दान करें।

भगवान विष्णु के मंदिर में जाकर उनके सामने दीप दान करें तथा विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें तथा केले के फल का भोग लगाएं।

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कुंडली से शनि, राहु, केतु, दोष को दूर करने के लिए किसी गरीब को काले रंग का कंबल या काले कपड़े का दान करें।

सुहागिन स्त्री को सुहाग का सामान भेंट करें।

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