महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े कुछ अनजाने राज…

गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन जारी रख कर आप अपने पीरियड्स को मिस कर सकते हैं। इससे आपके पीरियड्स को हानि नहीं होती है।

महिलाएं औप पुरूषों दोनों के इम्यून सिस्टम होते हैं लेकिन वो काम अलग-अलग तरह से करते हैं। दोनों को बहुत प्रकार के स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं जिसके बारे में कई बार उन्हें खुद भी नहीं पता होता है। महिलाओं के शरीर में बहुत सी ऐसी बीमारी होती हैं जो हार्मोनल बदलाव के कारण होती है। पीरियड्स से लेकर प्रेग्नेंसी तक बहुत से ऐसे फैक्टर होते हैं जिसके कारण महिलाओं को बहुत प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत सी ऐसी बातें होती हैं जिनके बारे में नहीं पता होने की वजह से उनकी समस्या बढ़ सकती है। या फिर जिनके बारे में गलत बात पता होने की वजह से भी वो आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। तो इसलिए महिलाओं को उनके स्वास्थ्य से जुड़ी बातों के बारे में पता होना आवश्यक होता है ताकि वो स्वस्थ रह सकें और साथ ही उन्हें अपने स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों के बारे में विश्वास करना छोड़ना होगा। आइए महिलाओं के स्वास्थ्य के जुड़े मिथकों के बारे में जानते हैं।

मिथक: जन्म नियंत्रण गोलियों के सेवन से पीरियड्स मिस होना हानिकारक हो सकता है:
बहुत सी महिलाएं इस बात पर भरोसा करती हैं, लेकिन यह सच नहीं है। जन्म नियंत्रण गोलियां केवल एक सप्ताह के लिए प्रभावी होती हैं जो आपके पीरियड्स को नियंत्रित और नियमित रखती हैं। गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन जारी रख कर आप अपने पीरियड्स को मिस कर सकते हैं। इससे आपके पीरियड्स को हानि नहीं होती है।

मिथक: स्वास्थ्य के लिए वेजाइनल डिस्चार्ज हानिकारक होता है:
वेजाइनल डिस्चार्ज कई बार बिल्कुल सामान्य होता है। मेंस्ट्रुअल साइकल के आधार पर इसका परिवर्तन होता है। वेजाइनल डिस्चार्ज आपके कोशिकाओं और बलगम को साफ करने में मदद करता है। लेकिन, जब तक इसका रंग और मोटाई सही है तब तक यह सामान्य होता है। ऐसे में आपको इसकी जांच कराने की जरूरत है।

मिथक: अगर आप 40 के करीब हैं तो आप प्रेग्नेंट नहीं हो सकते हैं:
ये सोच बिल्कुल गलत है कि 40 के उम्र की महिलाएं प्रेग्नेंट नहीं हो सकती है क्योंकि वो मेनोपॉज के स्टेज पर होती हैं। लेकिन प्रीमेनोपॉजल टाइम भी फर्टाइल फेज होता है। हालांकि इस दौरान प्रेग्नेंट होना थोड़ा हानिकारक हो सकता है उम्र की वजह से। लेकिन महिलाएं प्रेग्नेंट हो सकती है।

मिथक: डिलीवरी के बाद वेजाइना स्ट्रेच हो जाता है:
कई महिलाएं ऐसी होती हैं जिन्हें लगता है कि नॉर्मल डिलिवरी के बाद वेजाइना स्ट्रेच हो जाता है। वेजाइना का खुद का एक एलास्टिक कैवेसिटी होता है। लेकिन नॉर्मल डिलिवरी के बाद स्टीच लगता है जिस वजह से थोड़ी कॉम्प्लिकेशन आता है।

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