कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने विश्वास मत प्रस्ताव पेश कर दिया…..

कुमारस्वामी ने कहा कि हमने राज्यपाल को पत्र सौंपा कि हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है. राज्यपाल ने कहा कि हम देखेंगे. येदियुरप्पा ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उन्हें नियमों के तहत न्यौता मिला था. लेकिन पिछले कुछ सालों में हमने देखा है कि क्या हुआ है. गोवा में क्या हुआ? सबसे बड़ी पार्टी को वहां न्यौता नहीं मिला. जेडीएस नेता ने कहा कि बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल ने बीजेपी को 15 दिन का समय दिया.

इसने लोगों के दिमाग में सुबहा पैदा किया. राजनीतिक पंडितों ने कहा कि इससे विधायकों की खरीद फरोख्त को बढ़ावा मिलेगा. पिछले सप्ताह येदियुरप्पा ने कहा कि हमने अपने विधायकों को बंद कर दिया और उनके परिवार से उन्हें दूर कर दिया. लेकिन, किसी विधायक या उसके परिवार को ऐसा नहीं लगा. इससे पहले कांग्रेस नेता रमेश कुमार को सदन का निर्विरोध नया स्पीकर चुना गया है

विधानसभा में कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने विश्वास मत प्रस्ताव पेश कर दिया है. कुछ ही समय बाद प्रस्ताव पर वोटिंग होने वाली है. इससे पहले सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनादेश बीजेपी के लिए नहीं था. उन्होंने कहा कि इस बार का जनादेश साल 2004 की तरह है.

उस वर्ष मैं पहली बार विधायक बना था और सदन की कार्यवाही को देखता था. कुमारस्वामी ने कहा कि येदियुरप्पा ने कहा कि राज्यपाल ने नियमों का पालन किया कि पहले सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. मैं गुलाम नबी आजाद, सिद्धारमैया और परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहूंगा.

जेडीएस नेता ने कहा कि काउंटिंग के दिन सबसे पहले परमेश्वर ने मुझे फोन किया. इसके बाद आजाद ने बात की. आजाद ने कहा कि चुनाव नतीजों में खंडित जनादेश आया है और हमें सरकार बनानी चाहिए. मैंने कांग्रेस पार्टी की ओर सकारात्मक रवैया पाया. उन्होंने कहा, ‘ऐसा मेरे मुख्यमंत्री बनने की इच्छा के चलते ऐसा नहीं हुआ. मैं ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं. ये गठबंधन केवल सत्ता हासिल करने के लिए नहीं बना है. प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी के अलावा और कोई भी पार्टी सरकार नहीं बना सकती. मैंने ऐसा नहीं होने दिया. वे लोकतंत्र के संरक्षक हैं और मैं ये उनपर छोड़ता हूं कि प्रधानमंत्री होने के नाते इस तरह की भाषा बोलना कितना सही है.’

 

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