2019 का अर्ध कुंभ मेला,175 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भेजा गया निमंत्रण….

कुंभ मेला 4 फरवरी 2019 से 4 मार्च तक 2019 तक चलेगा। कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर योगी सरकार पूरे एक्शन में नजर आ रही है।

हर बार की तरह इस बार भी कुंभ मेला खास होगा। बता दें कि यूनेस्को द्वारा कुंभ को विश्व की सांस्कृतिक धरोहरों में शामिल किया गया है। इसके बाद से बाद से केंद्र और राज्य सरकार कुंभ की भव्यता पूरी दुनिया को दिखाने की पुरजोर कोशिश में लगी है। आज हम आप बताएंगे की कुंभ मेले को लेकर क्या क्या तैयारियां और बदलाव किए जाएंगे।

175 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजा गया है
कुंभ मेला सलाहकार समिति के सदस्य राकेश शुक्ला ने बताया कि समिति ने कुंभ में अप्रवासी भारतीयों व विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए लंदन के ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट, पार्क लेन समेत कई प्रमुख स्थानों पर रोड शो किए। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने 175 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजा है। रोड शो में भारतीय मूल की ब्रिटिश राजनीतिक और वहां के उच्च सदन की सदस्य व यूरोपियन एक्सटर्नल अफेयर कमेटी की चेयरमैन बारनेस वर्मा, फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर, करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह काल्वी, कुंभ मेला सलाहकार समिति के सदस्य राकेश शुक्ला समेत लंदन व भारत की कई जानी-मानी हस्तियों ने हिस्सा लिया।

सिनेमाघरों में दिखाया जाएगा कुम्भ मेले का नया ‘लोगो’
उत्तर प्रदेश के सिनेमाघरों में जल्द ही फिल्म शुरू होने से पहले सुनाए जाने वाले राष्ट्रगान के बाद कुम्भ मेले का नया ‘लोगो’ भी अनिवार्य रूप से दिखाया जाएगा। ताकि लोगं में इसके प्रति और जागरुकता और लोग इसके बारे में ज्यादा जानें।

अर्ध कुंभ मेले में लगाई जाएंगी रोडवेज की 10 हजार बसें
इलाहाबाद में साल 2019 में लगने वाले अर्ध कुंभ मेले में रोडवेज की 10 हजार बसें लगाई जाएंगी। उनके मुताबिक़ मेले को लेकर पूर्वांचल पर ख़ास फोकस किया जाएगा क्योंकि रोडवेज की बसों से सबसे ज्यादा यात्री इसी इलाके से आने की उम्मीद है। कुंभ से पहले इलाहाबाद को देश के तमाम बड़े शहरों से रेल व सड़क रास्तों के साथ हवाई व जल मार्गों से भी जोड़ दिया जाएगा।

 

विदेशी मेहमानों के लिए टेंट सिटी बसाई जाएगी
विदेशी मेहमानों को ठहराने के लिए छतनाग के आसपास के क्षेत्र में एक टेंट सिटी बसाई जाएगी जहां करीब 5,000 कॉटेज बनाए जाएंगे। सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर विदेशी भाषाओं के जानकार गाइडों की तैनाती की जाएगी। खबरों के अनुसार ने बताया कि मेले में इन 193 देशों से कुल मिलाकर 10 लाख विदेशी पर्यटकों के आने की संभावना है। इनके आवागमन की सुविधा के लिए इलाहाबाद से वाराणसी के बीच शताब्दी स्तर की दो ट्रेनें चलाने की योजना है जिसके लिए इस मार्ग पर ट्रैक को दुरुस्त किया जा रहा है

इलाहाबाद से वाराणसी के बीच सड़कों पर बन रहा है फ्लाईओवर
इलाहाबाद से वाराणसी के बीच सड़कों पर फ्लाईओवर बनाया जा रहा है और सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। कुंभ मेले में विदेशी पर्यटकों को भारत दर्शन कराने के लिए हर प्रदेश की संस्कृति के थीम गेट मेला क्षेत्र में बनाए जाएंगे।

2500 हेक्टेयर में मेला क्षेत्र बसाया जाएगा
खबरों के मुताबिक बताया गया है कि पहली बार कुंभ मेले का क्षेत्रफल सबसे अधिक होगा. इस बार 2500 हेक्टेयर में मेला क्षेत्र बसाया जाएगा, जिसमें 20 सेक्टर होंगे। हर सेक्टर में 1,000 से लेकर 2,000 बेड के रैन बसेरे होंगे। पूरे मेले के दौरान शहर के सभी प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों जैसे कैथलिक चर्च, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, खुसरो बाग और अंग्रेजों के जमाने में बनाए गए नैनी ब्रिज और कर्जन ब्रिज को लाइटों से जगमग किया जाएगा।

 

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