ये हैं असल जिंदगी के सिंघम, दरोगा जी ने पीठ पर लादकर मरीज को पहुंचाया अस्पताल

वहां भैरव मंदिर के पास अचानक से उनकी तबियत खराब हो गई। उनके परिजन घबरा गए।

खाकी को शर्मसार करने वाली बहुत सी खबरों को आपने सुना और देखा होगा, लेकिन आज हम आपको ऐसे पुलिस वाले के बारे में बताएंगे जिसने अपने मानवता भरे काम से पुलिस महकमे का गौरव बढ़ा दिया है। हम बात कर रहे है उत्तराखंड के उत्तरकाशी में तैनात दारोगा लोकेन्द्र बहुगुणा की। जिन्होंने एक बीमार यात्री को अपनी पीठ पर लादकर दो किलोमीटर दूर अस्पताल तक पहुंचाया।

क्या हुआ था उस दिन…

भोपाल के रहने वाले रांझी राजन, अपने परिवार के साथ यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए आये थे। वहां भैरव मंदिर के पास अचानक से उनकी तबियत खराब हो गई। उनके परिजन घबरा गए।

परिजनों ने वहां मौजूद लोगों से घबराहट में डॉक्टर के बारे में पता करना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि यहां से 2 किलोमीटर की दूरी पर एक अस्पताल है। अब समस्या यह थी कि रांझी चलने की स्थिति में नहीं थे और वहां कोई यातायात का साधन भी नहीं था।

फिर मसीहा बन कर आया ये दरोगा

घबराहट में परिजनों ने लोगों से मदद की गुहार लगानी शुरू कर दी। परिजन मदद के लिए चिल्लाने लगे लेकिन किसी ने मदद नहीं की। बात जब पुलिस को पता चली तो मौके पर जानकीचट्टी चौकी के इंजार्च लोंकेन्द्र बहुगुणा वहां पहुंचे।

उस समय दारोगा के पास कोई वाहन नहीं था। अस्पताल भी काफी ऊंचाई पर था। इसलिए दरोगा के पास उनको पीठ पर लाद के ले जाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने तनिक भी देरी न करते हुए बीमार को अपनी पीठ पर लादा और अस्पताल जा पहुंचे। दारोगा ने समय रहते बीमार को अस्पताल पहुंचा दिया। अस्पताल पहुंचकर उन्हें पता चला कि उन्हे हार्ट अटैक आया था। समय रहते उनका इलाज हो गया और उनकी जान बच गई। पुलिस महकमें में जिसने भी ये सुना उसने दारोगा की जमकर तारीफ की। इस बीमार यात्री की मदद के लिए कप्तान ने भी प्रंशसा की थी। ये फोटो सोशलमीडिया में तेजी से वायरल हो रही है।

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