समाज का यहा भी होती है हिसा ……

दुनिया में वैश्याओं का समाज सबसे अलग होता है ऐसे में वैश्याओं की दुनिया में जाने से हर इंसान कतराता है क्योंकि उनकी दुनिया सभी की दुनिया से बहुत अलग होती है. ऐसे में अगर बात करें व्यक्तियों की तो उनके लिए वैश्याओं को लेकर सोच बहुत गन्दी है और उस सोच को बदला नहीं जा सकता. ऐसे में जो लडकियां वैश्यावृत्ति का शिकार होती है क्या वो अपने मनमर्जी के अनुसार वैश्या बनती है या उन्हें इस दलदल में धकेला जाता है. कई ऐसे सवाल है जो वैश्याओं को लेकर मन में रहते है, लेकिन हम उन्हें कभी खुलकर कह नहीं पाते.

 

दुनिया के लोग कहते है कि वैश्याएं बुरी होती है लेकिन नहीं बुरे तो हम भी है, क्योंकि हम सभी में से कुछ ऐसे लोग है जो लड़कियों को वैश्या बनाने का काम करते है और उन्हें वैश्यावृत्ति करवाने पर मजबूर करते है. कहा जाता है कि एक बार इस दुनिया में जाने के बाद लौटकर आने का कोई रास्ता नहीं होता, लेकिन ऐसा नहीं है लौटकर आने का रास्ता तो होता है लेकिन समाज में इज्जत ना मिलने कि वजह से लडकियां खुद वापस नहीं आना चाहती.

 

आज के समय में भी वैश्यावृत्ति वैसी ही है जैसी पहले थी बस अब इतना हुआ है कि पहले वैश्या बनने वाली लड़कियों के भाव ज्यादा होते थे लेकिन अब वैश्याओं के बढ़ने की वजह से भाव कम हो चुके है और दुनिया में कई ऐसे क्षेत्र है जहाँ वैश्यायाएं एक रात के केवल 20 रुपए लेती है.

 

जी हाँ, अब यह वैश्यावृत्ति भी दुनिया का एक हिस्सा बन चुकी हैं, क्योंकि उन्हें रेड लाइट एरिया में लाने वाले उनके ही रिश्तेदार, उनके ही घरवाले या उनके ही पति या प्रेमी होते है और कई बार उन्हें अपहरण कर लाया जाता है. लडकियां कई बार खुद की मर्जी से भी आती है क्योंकि उन्हें उनके घर का खर्च चलाना होता है. ऐसे में लडकियां तो लडकियां ही है फिर वो वैश्या हो या ना हो. वैश्या समाज के लोगो के लिए भले ही बुरी हो लेकिन वो भी समाज का एक हिस्सा है.

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