जो 2019 में पलट देंगी सत्ता की बाजी, मुद्रा से लेकर जनधन तक मोदी सरकार की वो 5 बड़ी योजनाएं

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद औपचारिक तौर पर 2019 का चुनावी बिगुल बज जाएगा। ऐसे में जानिए मोदी सरकार की उन 5 योजनाओं के बारे में जो 2019 में पलट सकती हैं सत्ता की बाजी-

साल 2014 में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर देश की जनता के सामने अपने कार्यकाल के दौरान हुए कामकाज का खाका लेकर उपस्थित होंगे। आगामी 2019 चुनावों में बीजेपी की कोशिश बीते पांच साल के दौरान शुरु की गई योजनाओं की सफलता पर सत्ता में कायम रहने होगी। आइए जानते हैं मोदी सरकार की उन पांच बड़ी योजनाओं के आकड़ों के बारे में जो वाकई में 2019 मे सत्ता की बाजी पलट सकती हैं।

मुद्रा योजना-

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन द्वारा छोटे और मध्यम कारोबारियों को बिना किसी सिक्योरिटी के लोन देने का प्रवाधन है। यह लोन नॉन एग्रीकल्चरल सेक्टर में छोटे कारोबार को बढ़ावा देते हुए रोजगार बढ़ाने के लिए दिया जाता है। इस योजना को प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अप्रैल 2915 को शुरु किया था। इस योजना के तहत अभी तक 5.71 लाख करोड़ का कर्ज बांटा जा चुका है। इस योजना का लाभ 3 साल के दौरान 12.27 करोड़ लोगों को दिया जा चुका है जिसमें 3.49 करोड़ लाभार्थियों ने नया कारबार शुरु करने के लिए कर्ज लिया है।

उज्जवला योजना-

मोदी सरकार की महात्वाकांक्षी योजनाओं में से एक उज्वला योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे 5 करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी गैस देन का प्रावधान किया गया है। इस योजना के शुरु होने के 28 महीनों के भीतर ही 5 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया। मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान इस योजना का लक्ष्य 8 करोड़ परिवार कर दिया गया है और केंद्रीय बजट से योजना के लिए 12,800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

पीएम आवास योजना-

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश में सभी परिवारों के लिए 2022 तक घर देने का प्रावधान किया गया है। इस योजना को नवंबर 2016 में सरकार की ओर से शुरु किया गया था और 2.95 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया था। योजना के पहले चरण यानी 31 मार्च 2019 तक 1 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की ओर से जारी आकड़ों के मुताबिक साल 2014-15 से साल 2017-18 तक के वित्तीय वर्ष में ग्रामीण क्षेत्र में कुल 1.07 करोड़ मकान तैयार कर लिए गए हैं। इनमें 38.20 लाख मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत और बचे हुए मकान इंदिरा आवास योजना के तहत बने हैं।

शौचालय योजना-

पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन 2 अक्टूबर 2014 को शुरु किया था साथ ही 2 अक्टूबर 2019 तक इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य तय किया गया। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को घर में शौचालय बनाने के लिए 12 हजार रुपए देने का प्रावधान है। यह रकम दोनों केंद्र और राज्य सरकारें एक तय फार्मूले के तहत देती हैं। सरकारी आकड़ों के मुताबिक 31 अगस्त 2018 तक 88.9 फीसदी ग्रामीण इलाकों में शौचालय निर्माण का काम पूरा किया जा चुका है।

जनधन योजना-

प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत समाज के कमजोर तबके और कम आय वाले परिवारों को बैंकिग सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना के तहत गरीब नागरिकों को सेविंग बैंक अकाउंट के साथ साथ कर्ज लेने, पैसा ट्रांसफर करने, इंश्योरेंस और पेंशन जैसी सुविधाओं को भी जोड़ा गया है। केंद्र सरकार के ताजा आकड़ों के मुताबिक देश में 32.41 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में जमा कुल राशि 81,200 करोड़ रुपए से अधिक है।

Facebook Comments