यहां का रास्ता थोड़ा कठिन है लेकिन जो एक बार यहां नहाकर आ गया….100 साल तक जीता है

भारत देश तीर्थ स्थानों का देश है और हर साल लाखों तीर्थ यात्री देश- विदेश आकर भारत के अलग-अलग तीर्थ स्थानों पर जाते हैं। लाखों लोग भगवान से अपने दुखों को दूर करने और पाप से मुक्ति मांगने के लिए हजारों मील का मुश्किल रास्ता तय करके आते हैं। जिस तीर्थ स्थान की हम बात कर रहे हैं उस तीर्थ को मात्र एक बार कर लेने से कई तीर्थ स्थान जाने के बराबर का पुण्य मिलता है।

1.पौराणिक कथाओं के अनुसार धरती पर पाप, कष्ट और चारों तरफ फैले दुख का अंत करने के लिए मां गंगा को धरती पर लाया गया। 2.मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से निकलकर धरती को पवित्र करती हैं और करोड़ों तीर्थ यात्री मां गंगा के विभिन्न तीर्थ स्थानों पर जाते हैं। 3.जिस तीर्थ स्थान के बारे में हम आपको बता रहे हैं यहां अब से कुछ साल पहले आना बहुत ही कठिन था हालांकि अब तकनीक में काफी बदलाव आ चुका है इसलिए अब हालात में भी बदलाव आया है। 4.यह तीर्थ स्थान पश्चिम बंगाल के पास है यहां आने वाले यात्री कलकत्ता तक आकर वहां से पानी के रास्ते जहाज से इस जगह पर पहुंचते हैं।

5.इस तीर्थ पर मां गंगा सीधे आकर सागर में मिलती हैं जिसके कारण इस तीर्थ का नाम गंगा सागर पड़ गया और यहां आने वाले लोगों के संदर्भ में कहा जाता है कि जो भी एक बार यहां आता है उसे भगवान शंकर और मां गंगा की कृपा से मोक्ष प्राप्त होता है। कहा जाता है कि यहां नहाने से मुर्दे की भी सांसें लौट आती हैं और शरीर रोगमुक्त हो जाता है।

6.गंगा सागर तीर्थ की पौराणिक मान्यता है कि यहां आने वाले को कई व्रत और यज्ञों के समान फल प्राप्त होता है और जीवन में परेशानियों का अंत होता है। 7.यहां पर मौसम इतनी तेजी से करवट बदलता है जिस कारण लोगों का आज भी यहां पर आना बहुत ही कठिन है।

8.साल में एक बार जनवरी के महीने में लगने वाले यहां के मेले में आने वाले लोगों के रूकने के लिए टैंट की व्यवस्था कराई जाती है लेकिन वह भी खराब मौसम के कारण उड़ जाते हैं। 9.इस तीर्थ स्थल को लेकर यहां तक कहा जाता है कि यहां आने से कई तीर्थों के बराबर का फल मिलता। जिसके लिए कहते है कि सारे तीरथ बार- बार, गंगा सागर एक बार। 10.यहां का मौसम इतनी जल्दी बदलता है कि हर थोड़े-थोड़े समय में यहां पर तूफान आता रहता है और रास्ते में लोगों को पहुंचने के लिए परेशानियां उठानी पड़ती हैं।

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