बायो-मैग्‍नेटिक ज्‍वेलरी लोगो को फिट और खुबसूरत बनाती है ….

 वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति में चुम्बकों का प्रयोग बहुत पुराना है. तब यूनानी लोग चुम्बक दिमाग पर लगाकर सिर दर्द ठीjक किया करते थे. किसी अंग के मांस या मसल्स की सूजन को कम करने के लिए उस पर चुम्बक रखा जाता था. आज भी कई जगहों पर इस पद्धति के प्रयोग से जोड़ों के दर्द, गठिया आदि का इलाज किया जा रहा है. 
आभूषण सौंदर्य का स्वरूप होता है. अगर कोई आभूषण सौंदर्य के साथ-साथ सेहत भी सुधारे, तो इसे जरूर पहनना चाहिए. आपको बता दे बायो-मैग्‍नेटिक ज्‍वेलरी उन्हीं में से एक है.
इसके लिए चुम्बकीय पेंडेंट, चुम्बकीय जूते, चुम्बकीय ब्रेसलेट, नेकलेस आदि का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे बायो-मैग्‍नेटिक यानी चुंबकीय ज्वेलरी कहते हैं. इसके माध्यम से अदृश्य चुम्बकीय रेखाएं परोक्ष रूप में हमारे शरीर पर पॉजिटिव प्रभाव डालती हैं. चुंबकीय गुणों से युक्‍त ये गहनें अनिद्रा, कब्ज, सिरदर्द, गठिया, पीठ दर्द जैसी समस्याओं में राहत ही नहीं देते, बल्कि देख्‍ाने में ये सुंदर भी लगते हैं, जिसे आप स्टाइल के तौर पर भी पहन सकती हैं. unltdoffers.com के सीईओ चिराग हरिया कहते हैं कि न केवल बड़े शहरों, बल्कि छोटे शहरों में भी लोग इसे पसंद कर रहे हैं.
विशेषकर यंग लड़कियां और कामकाजी महिलाएं इसे खूब पसंद कर रही हैं. फैशन के साथ यूथ की पसंद को मिलाकर खास तरह की बायो-मैग्नेटिक ज्वेलरी डिजाइन की गई है, जिसमें मैग्नेट का भी प्रभाव रहता है. वैसे भी बाजार में बिकने वाली ज्‍यादातर आर्टिफीशियल ज्वेलरी में लेड और नुकसानदायक पेंट होते हैं, जो त्वचा में एलर्जी का कारण भी होते हैं. लेकिन इस ज्‍वेलरी का कोई नुकसान नहीं है.
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