महाभारत काल-ब्लॉक होने के डर से अर्जुन ने कौरवों को FB रिक्वेस्ट नहीं भेजी….

इंटरनेट का अविष्कार लाखों साल पहले हो चुका था।महाभारत काल में न केवल इंटरनेट बल्कि सैटेलाइट भी मौजूद थे। त्रिपुरा में एक कार्यशालाको संबोधित करते हुए बिप्लव देव ने यह जानकारी साझा की।

उन्होंने कुछ इस अंदाज में लाखों सालपहले हुए इंटरनेट के अविष्कार की जानकारी दी, ‘‘ये देश वो देश है, जहां महाभारत में संजय ने बैठकर धृतराष्ट्र को युद्ध मेंक्या हो रहा है ये बता रहे थे।

इसका मतलब क्या है? उस जमाने में टेक्नोलोजी थी, इंटरने था, सैटेलाइट थी।’’ अबकिसी साइंटिफिक कार्यशाला में जाकर बिना पुख्ता सुबूत के इतनी बड़ी जानकारी देंगेतो ट्रोल तो होंगे ही।

लेकिन महाभारत काल की ये जानकारी देना देव बाबू केलिए भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर उनकी जमकर चुटकी ली जा रही है। ताजा चुटकी कुछइस तरह की है, छत्तीसगढ़ के एक वरिष्ठ पत्रकार ने अपनी फेसबुक वाल पर लिखा है, ‘‘अर्जुन ने कई बार एफबी पर कौरवों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भी भेजी थी। नहींबिप्लव देव जी? ’’

यही वरिष्ठ पत्रकार अपनी टिप्पणी के नीचे बड़े मजे सेलिखते हैं, एक साथ सौ रिक्वेस्ट आने पर फेसबुक ने अर्जुन की आइडी ब्लाक कर दी थी नहींतो क्या पता बात बन भी जाती। इसके जवाब में छत्तीसगढ़ के ही पत्रकार ने लिखा, ‘औरये जानकारी भी अर्जुन ने ट्विट करके दी।’’

अब आगे एक सज्जन कहते हैं, ‘‘महाभारत काल में इंटरनेटकी सुविधा थी और यह सुविधा केवल संजय को ही मिली थी।’’ कुछ ऐसा ही मजा लिया है, ‘‘ इंटरनेट हाल ही में नहींखोजा गया है ये हजारों साल पहले महाभारत काल में भी मौजूद था–त्रिपुराके नए मुख्यमंत्री बिप्लव देव।’’

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पर तंज कसता हुए एक औरट्विट, ‘‘ महाभारत काल में कुरुक्षेत्र युद्ध का अपडेट धृतराष्ट्र संजय से ले रहे थे।दोनों महल की छत पर बैठे थे।’’

अभी चुटकियां लेने का सिलसिला जारी है। इन चुटकीबाजों का जवाब बिप्लव देव ने फिलहाल नहीं दिया है। अब वो शशि थरुर तो हैं नहीं जोट्रोलर्स की टोली का जवाब भी कुछ ऐसे देते कि ट्रोलर्स हक्के-बक्के रह जाते।

अब येबेहद प्रचलित हो चुका है कि थरूर की अंग्रेजी समझनी है तो कोई बढ़िया डिक्सनरीलेकर बैठें। नहीं तो थरूर बोलेंगे या लिखेंगे और आप सुनेंगे या पढ़ेंगे पर समझ कुछभी नहीं आएगा।

10 अप्रैल को जब उन्हें उनके एक ट्विट पर भक्तों नेट्रोल किया तो उन्होंने न केवल बेहतरीन जवाब दिया बल्कि थरूरथिसॉरस एक नया शब्द भीउनके फॉलोवर को दिया, ‘‘उन्होंने लिखा रोजाना मेरा सामना ऐसे लोगों से होताहै जो लालोचीजिया से ग्रसित हैं। ये सारे लोग न केवल मेरे ऊपर बल्क मेरे समर्थकोंपर भी अपनी भड़ास निकालते हैं।’’

फिर 11 अप्रैल को भी उन्होंने एक नया शब्द अपने फॉलोवरकी तरफ उछाला, ये नया शब्द है, ‘ग्लिबडो’ इसका अर्थ है- केवल बात ही बात करना काम न करना, दरअसलये ट्विट उन्होंने कुछ इस तरह से किया था, ”हमारे नेता ग्लिबडो से पीड़ित हैं-केवलबात करते हैं काम नहीं करते।”

तो कहने का मतलब ये है कि देव साहेब ये सोशल मीडियाहै यहां लिखना और बोलना जरा संभाल के। यहां ट्रोल सेना अपना काम मुस्तैदी से कररही है। क्योंकि हर किसी के पास शशि थरूर जैसे उलझाऊ शब्द बाण नहीं होते।

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