कादर खान पर पड़ी दिलीप कुमार की नजर और बन गए महान कलाकार

नए साल 2019 ( Happy New Year 2019 ) की शुरुआत होते होते बॉलीवुड ( Bollywood ) के लिए एक बुरी खबर लेकर आया। अभिनेता, हास्य अभिनेता, निर्देशक और एक पटकथा लेखक कादर खान ( Kader Khan ) का 81 साल की उम्र में निधन हो गया। वो करीब 3a00 फिल्मों में काम कर चुके और सभी में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। कादर कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। उनका इलाज कनाडा के एक अस्पताल में चल रहा था। कादर खान एक ऐसे अभिनेता रहे जिनके निधन की खबरे सबसे ज्यादा सोशल मीडिया पर वक्त वक्त पर वायरल होती रहीं। लेकिन अब बॉलीवुड का ये सितारा भी अब हमेश छोड़कर चला गया है। इस बात की पुष्टि उनके बेटे सरफराज ने की है।

कादर खान बायोग्राफी (Kader Khan Biography)

फिल्म इंडस्ट्री के वेट्रेन एक्टर कादर खान जन्म 22 अक्टूबर 1937 को काबूल अफगानिस्तान में हुआ था। वो एक अभिनेता ही नहीं, विलेन, हास्य अभिनेता, निर्देशक और एक स्क्रीप्ट राइटर भी थे। उनके तीन भाई थे। ग़ुरबत और तंगहाली में उन्होंने अपना जीवन जिया। बचपन में ही उनके माता पिता अफगानिस्तान से भारत के मुंबई शहर में आकर बस गए थे। उनका परिवार मुंबई के स्लम में रहा। उनके एक भाई कनाडा में रहते हैं।

कादर खान की शिक्षा (Kader Khan Education)

फिल्म अभिनेता कादर खान ने अपनी मां के कहने पर अपनी पढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने मास म्युनिसिपल की पढ़ाई की थी। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई इस्माइल यूसुफ कॉलेज से पूरी की। उन्होंने एक शिक्षक के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा उन्होंने इंजीनियरिंग में भी डिप्लोमा किया। वहीं कॉलेज के दिनों में उनकी एक्टिंग की तरफ काफी रूचि थी। बॉलीवुड में आने से पहले वो एक कॉलेज लेक्चरर थे।

कादर खान का परिवार (Kader Khan Family)

जब वो अफगानिस्तान से मुंबई आए तो यहां आते ही उनके पिता ने उनकी मां को तलाक दे दिया और कई और रहने चले गए। उनकी मां ने तीन बेटों का पालन पोषण किया।

कादर खान की पत्नी (Kader Khan Wife)

फिल्म अभिनेता कादर खान ने मुंबई में लेक्चर रहते हुए अजरा खान से शादी की थी।

कादर खान के बच्चे (Kader Khan Son)

कादर खान और अजरा खान के दो बच्चे हैं। एक का नाम शाहनवाज और दूसरे का नाम सरफराज है। सरफराज बॉलीवुड फिल्म में काम करते हैं। उनकी ज्यादातर फिल्म सलमान खान के साथ हैं। तेरे नाम में राधे के दोस्त के किरदार में उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरी थी।

कादर खान का फिल्म सफरनामा (Kader Khan Filmy Career)

बॉलीवुड के दिग्गज नेता कादर खान के फिल्मी जीवन की बात करें तो इसकी शुरुआत कॉलेज थिएटर से हुई थी। वो कॉलेज के दिनों में ही कई नाटकों में दर्शकों का दिल जीत लिया करते थे।

दिलीप कुमार ने दिया फिल्मों में पहला काम (Kader Khan Dilip Kumar)

लेकिन फिल्मों में उनकी शुरुआत के पीछे दिग्गज नेता दिलीप कुमार को माना जाता है। कॉलेज में शो के दौरान उनको पता चला कि अभिनेता दिलीप कुमार उनका नाटक देखने आ रहे हैं तो कादर ने अच्छे से तैयार कर उनके लिए सबसे अच्छा शो किया। दिलीप कुमार उनके प्रदर्शन से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने कादर को दो फिल्मों में काम दिया और देखते ही देखते कादर बॉलीवुड के विलेन बन गए।

कादर खान डायलॉग (Kader Dialogue)

बता दें कि कादर खान ने 300 से भी अधिक हिंदी और उर्दू फिल्मों में काम किया। इससे पहले उन्होंने 1970 में 250 से भी ज्यादा फिल्मों के लिए डायलॉग लिखे और इसमें अमिताभ बच्चन की कई फिल्में हैं जैसे मुकद्दर का सिंकर एक है। कादर खान ने रोटी फिल्म (1974) के लिए डायलॉग लिखे।

फिल्म रोटी के लिए मिली थी मोटी रकम (Film Roti)

एक इंटरव्यू के दौरान कादर खान ने बताया था कि रोटी फिल्म के लिए मनमोहन देसाई ने उन्हें एक लाख इक्कीस हजार रुपये दिए थे।

कादर ने कई स्टार्स के साथ किया काम (Kader khan Work With Stars)

कादर ने पुराने हीरो से लेकर नए स्टार्स तक सभी के साथ काम किया। इसमें जीतेन्द्र, फिरोज खान, अमिताभ बच्चन, गोविंदा, सलमान खान, अक्षय कुमार और डेविड धवन के साथ बहुत सारी सुपरहिट फिल्मों में काम किया। गोविंदा के साथ कुली नंबर 1, राजा बाबू, आंटनी नंबर वन, अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फ़िल्म मैं खिलाडी तू अनाड़ी, कानून अपना अपना, खून भरी मांग और सलमान के साथ दुल्हन हम ले जाएंगे जैसी फिल्मों में काम किया।

कादर खान और गोविंदा की जोड़ी (Kader khan Govinda)

फिल्म अभिनेता कादर खान ने यू तो कई स्टार्स के साथ काम किया। लेकिन अभिनेता गोविंदा के साथ उन्होंने काफी फिल्मों में काम किया। जिस फिल्म में गोविंदा होते उसमें कादर खान ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता था। वहीं इसके साथ ही शक्ती कपूर और जोनी लीवर जैसे कॉमेडियन के साथ भी उनकी जोड़ी दिखी।

पुरस्कार (Awards)

हिंदी फिल्मों में अपना योगदान देने के लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से भी सम्मानित किया। 1981 में फिल्म फेयर बेस्ट कॉमेडियन (बाप नम्बरी बेटा दस नम्बरी), 1982 में फिल्म फेयर अवार्ड (बेस्ट डाइलोग ‘मेरी आवाज सुनो’) और साल 2013 में साहित्य शिरोमणि पुरस्कार (हिन्दी सिनेमा में योगदान के लिए) दिया गया।

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