सुनिश्‍चित करें कि कल्‍याण परियोजनाओं के लाभ आखरी व्‍यक्‍ति तक पहुंचे: सुमित्रा महाजन

पीएम नरेन्द्र मोदी ने आज संसद के केंद्रीय कक्ष में दो दिन के राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पिछड़े ज़िलों के विकास के लिये काम करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने की आवश्‍यकता है कि किन-किन क्षेत्रों में जिलों की स्‍थिति सुधारी जानी चाहिए। सरकार ने 115 ऐसे ज़िलों की पहचान की है, जो विकास की दृष्टि से कमज़ोर हैं।

पीएम ने कहा कि सम्‍बद्ध पक्ष एक बार इन जिलों के किसी एक पहलू में परिवर्तन लाने का फैसला करते हैं तो अन्‍य कमियों को दूर करने की रफ्तार तेज हो जाएगी। उन्‍होंने कहा कि मिशन की भावना से सकारात्‍मक बदलाव लाना होगा।  पीएम ने कहा कि ऐसे जिलों की तरक्की से मानव विकास सूचकांक में भारत की स्‍थिति बेहतर हो जाएगी।

हमें देश में बैकवर्ड की स्‍पर्धा नहीं करनी है, हमें तो इसमें स्‍पर्धा फॉर्वर्ड की करनी है। इन क्षेत्रों का विकास सामाजिक न्‍याय का काम है। अगर उस डिस्ट्रिक्ट का डेवलपमेंट हुआ मतलब अपने आप वो सामाजिक न्‍याय का हब बन ही जाएगा। अगर सब बच्‍चों को शिक्षा मिलती है, हमारे क्षेत्र में। इसका मतलब सामाजिक न्‍याय का एक कदम हुआ। सबके लिए करना, भाव को लेकर के चलते हैं, तो कितना बड़ा परिणाम हम प्राप्‍त कर सकते हैं।

विकास की जब हम बात करते हैं, तो केन्‍द्र हो या राज्‍य हों, वहां से निकली हुई योजना पूरे समाज में जाना चाहिए। संसद, विधायक कानून बनाते हैं, लेकिन फिर मिल करके यह भी सोचना पड़ेगा, ये योजनाएं नीचे तक पहुंचे कैसे, कैसे उसका लाभ हो, किस प्रकार से उस पर अमल हो।

इससे पहले, लोकसभाध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन ने सांसदों और विधायकों से कहा कि वे यह सुनिश्‍चित करें कि कल्‍याण परियोजनाओं के लाभ आखरी व्‍यक्‍ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने देश के पिछड़े जिलों के विकास के लिए काम करने की जरूरत पर बल दिया है।

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