दलित लड़कियों ने रखा मंदिर में कदम, विरोधी पक्ष देखता रह गया

गुजरात के बोटाड जिले में कुछ दलित लड़कियों को शुक्रवार को एक मंदिर में जाने से रोक दिया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री विभावरी दवे के दखल के बाद आखिरकार रविवार को लड़कियों ने मंदिर में कदम रखा। लड़कियों को पुलिस सुरक्षा भी दी गई है। इसी बीच पुलिस ने अनियारी कसबाती गांव के 10 लोगों के खिलाफ लड़कियों को रोकने के लिए केस दर्ज किया है।

भावना, ऋतु और दीपा नाम की तीन लड़कियां शुक्रवार को गौरी व्रत के लिए मंदिर गई थीं। वहां उनके साथ और भी लड़कियां थीं। आरोप है कि कुछ स्थानीय लोगों ने मंदिर को ताला लगा दिया और उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। उन्होंने पूरी घटना फोन पर रिकॉर्ड कर ली। लड़कियों ने पिता ने पुलिस में शिकायत की तो पुजारी ने कहा कि किसी भी लड़की को मंदिर के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पिता ने कहा है कि दूसरी जातियों की महिलाओं को मंदिर में जाने की इजाजत दे दी जाती है।

बताया जा रहा है कि शनिवार को स्थानीय पुलिस और गांव के नेताओं ने बैठक कर सभी जातियों की महिलाओं को मंदिर में जाने की इजाजत देने की बात पर सहमति बनाई। उधर, दावे ने बताया कि पहले मंदिर के अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘हमने हमेशा महिला सशक्तीकरण का समर्थन किया है और हम दलित मुद्दों पर ध्यान देना चाहते हैं। इसलिए, हमने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और महिलाओं के मंदिर में जाने के रास्ते को साफ किया है।’

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