भविष्य से खिलवाड़…सालों से बंद हैं कई स्कूल, कागजों में हो रही पढ़ाई

शहर में यूपी बोर्ड के स्कूलों के संचालन के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है। यहां कई ऐसे स्कूल हैं जो सालों से बंद पड़े हैं लेकिन कागजों में हर साल यहां से बच्चे हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं दे रहे हैं। इनमें कई ऐसे स्कूल भी हैं जिनका मान्यका सौदा किया गया है। दूसरों को मान्यता देकर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के फार्म भरवाए जा रहे हैं।

आरएन पब्लिक स्कूल: आलमबाग के पवनपुरी इलाके में यह स्कूल संचालित किया जाता था। स्थानीय लोगों की मानें तो, दो साल से यह बंद  है। बावजूद, इसके नाम पर खेल हो रहा है।  हाल में ही इस स्कूल का नाम फर्जी टीसी जारी करने के एक प्रकरण में सामने भी आया था। जिसमें, 8वीं की मार्कशीट पर जारी कर दी पांचवीं की टीसी जारी कर दी।  इसके आधार पर एक व्यक्ति ने राजस्व विभाग में मृतक आश्रित कोटे में नौकरी पाने के लिए आवेदन किया। वहां, मार्कशीट और टीसी अलग-अलग कक्षा की होने के चलते आवेदन निरस्त कर दिया गया। वह अभ्यर्थी इसके खिलाफ न्यायालय चला गया।

सिर्फ कागजों में चल रहे दर्जनों स्कूल: बीते दिनों जिला विद्यालय निरीक्षक ने धारा 9 (4) के तहत मान्यता पाने वाले स्कूलों की जांच के लिए टीमें गठित कीं। जांच टीम को  सिन्हा हायर सेकेंडरी स्कूल कटरा बक्कास खुर्दही, ब्लू स्टार मांटेसरी मांटेसरी हाईस्कूल खुर्दही बाजार बंद मिला। हीरोज मेमोरियल हाईस्कूल गोपालागंज की जांच करने पहुंची टीम को स्कूल के भवन की जगह प्लाट मिला। त्रिवेणी नगर मॉन्टेसरी स्कूल त्रिवेणी नगर 2011 से बंद है। उसकी जगह अब पीएमकेवीएम का केंद्र चल रहा है।  सिद्वार्थ प.स्कूल मोती नगर में कोई छात्र-छात्रा नहीं मिला। दूसरे तल पर मौजूद एक महिला ने बताया कि विद्यालय 4-5 वर्षों से बंद है।

गायब हो गए ये स्कूल: न्यू होराइजन पब्लिक स्कूल की जांच करने पहुंची टीम के सदस्यों को संबंधित पते पर स्कूल नहीं मिला।  जेपी पब्लिक हाईस्कूल चित्रगुप्त नगर और श्री पराशर मुनि पांडेय हाईस्कूल आलमबाग निरीक्षण के दौरान अपने दिए हुए पते में नहीं मिला। फेयर डे कॉन्वेंट हाईस्कूल कल्याणपुर की जगह विद्यालय की दीवार पर फेयर डिवाइन का बोर्ड लगा मिला।

300 स्कूल की जांच, बोर्ड को भेजी सूची 
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि शहर के करीब 300 स्कूलों की जांच कराई गई है। इनमें, बड़ी संख्या में गड़बड़ियां पाई गई हैं। बोर्ड को सभी की सूची भेजकर आगे की कार्रवाई के लिए लिखा गया है।

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