मराठी फिल्म डायरेक्टर ने बीमारी से तंग आकर लगाई फांसी….

दो दिन पहले हुई इस घटना को परिवार वालों ने छिपा कर रखा था। वह कैंसर के आखिरी स्टेज पर थे। उन्हे काफी तकलीफ हो रही थी।

जिसके चलते वह काफी परेशान हो गए थे। दो हफ्ते पहले जब उनकी फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला तो वह काफी खुश नजर आए लेकीन बीमारी नें उन्हे अंदर से खोखला कर दिया था।

 

 

जिसके चलते उन्होनें फांसी लगा ली। सबसे अहम बात यह है कि जिस फिल्म के लिए उन्हे राष्ट्रीय पुरस्कार मिला वह उस फिल्म की रिलीज भी नहीं देख पाए। 38 साल की उम्र के इस नौजवान निर्देशक नें अपनी फिल्म रिलीज होने के पहले ही जीवनयात्रा खत्म कर ली।

मराठी सिनेमा में निर्माता के सुसाइड करने से कोहराम मचा हुआ है। कैंसर ने ऐसे हालात पैदा कर दिए कि वह मौत को गले लगाकर दुनिया को अलविदा कह गए।

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