अगर आप भी ऐसी खतरनाक रंगीन दवाइयों का कर रहे हैं सेवन तो जरुर पढ़ें ये खबर…

सेहत के लिए खतरनाक दवाओं की जांच के लिए तीन साल पहले एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई थी। इसी कमेटी की सिफारिश के आधार पर ये बैन लगा है। करीब 6000 दवाओं पर ये सर्वे अभी जारी है, आने वाले दिनों में कई और खतरनाक दवाओं पर रोक लग सकती है।

(phensedyl, Corex, Benadryl) सरकार ने ऐसी हर दवा पर पाबंदी लगा दी है जिनमें एक तय सीमा से ज्यादा पैरासिटामॉल, फेनिलेफ्राइन या कैफीन को मिलाया जा रहा था। कुछ एंटी-बायोटिक और एनाल्जेसिक्स भी इस लिस्ट में शामिल हैं। पाबंदी वाली लिस्ट में ज्यादातर दवाएं ऐसी हैं, जिनका धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा था। कई डॉक्टर भी इन्हें बिना सोचे-समझे मरीजों को दे रहे थे

एक्सपर्ट कमेटी ने माना है कि ये दवाएं बीमारियों से लड़ने की शरीर की कुदरती क्षमता को खत्म कर रही हैं। कुछ दवाएं फौरन बीमारी को दबा तो देती हैं, लेकिन बाद में वो मल्टीऑर्गन फेल्योर का कारण बन जाती हैं। इसमें शरीर के कई जरूरी अंग जैसे लिवर, किडनी वगैरह अचानक काम करना बंद कर देते हैं।

 

प्रॉक्टर एंड गैंबल कंपनी की इस दवा में पैरासिटामॉल, फेनिलेफ्राइन और कैफीन होते हैं। 33 साल पहले इस दवा को लॉन्च करने से पहले कंपनी ने जो क्लीनिकल ट्रायल किया था वो भी सवालों में दायरे में आ गया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने जोर-शोर से विज्ञापन करके इस जानलेवा दवा को घर-घर की जरूरत बना दिया था।

बेबी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के कई सामान भी सवालों के दायरे में हैं। पिछले दिनों अमेरिका में कंपनी पर करीब 500 करोड़ रुपए का जुर्माना हुआ था। कंपनी के पाउडर से एक महिला को कैंसर हो गया था और उसकी मौत भी हो गई। मेडिकल जांच में इस बात की पुष्टि भी हुई थी कि जॉनसन एंड जॉनसन के पाउडर में कैंसर की वजह बनने वाले कुछ केमिकल मिले हुए हैं।

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