कम हो रहा है कारों का क्रेज,जानिये कारण….

एक रिपोर्ट के मुताबिक मेट्रो शहरों में कारों का क्रेज कम होता जा रहा है। जिसके पीछे ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और मेट्रो जैसे कई बड़े कारण हैं।

चूंकि छोटे शहरों में अभी भी लोग कारों के शौकीन है, पर बड़े शहरों में तस्वीर ठीक इसके उलट हैं। खासकर मेट्रो सिटीज में कारें ही लोगों के लिए सिरदर्द बन रहीं हैं, जिसके कारण लोगों में कारों का क्रेज कम होता जा रहा है। क्योंकि बड़े शहरों में कैब्स, ऑनलाइन शॉपिंग और मेट्रो जैसी काफी सुविधाजनक और आसान सी सुविधाएं हैं। जिसके कारण बड़े शहरों में कारों की बिक्री में गिरावट आ रही है।

ऑटो इंडस्ट्री के मुताबिक, मुंबई में कारों की बिक्री में 20 फीसदी की गिरावट आई है। 2017-18 में कुल 97,274 कारें बिकीं जबकि इससे पहले के साल में 1.22 लाख कारें बिकी थीं। भारत के दूसरे सबसे बड़े कार मार्केट बेंगलुरु में 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। तो वहीं देश की सबसे बड़ी कार मार्केट दिल्ली में सेल्स में महज 1.6 फीसदी की ग्रोथ हुई है। यह ग्रोथ भी कोई खास नहीं है क्योंकि 2016-17 में कुछ महीने तक डीजल की कार पर प्रतिबंध लगने के कारण कम गाड़ियां बिकी थीं।

जानकारों के मुताबिक, बड़े शहरों में ओला और ऊबर जैसे प्लैटफॉर्म के आने के बाद शेयर्ड टैक्सी का ट्रेंड बढ़ा है। जिसका एक कारण गुड़गांव और दिल्ली जैसे रोजगार के गढ़ में तेजी से बढ़ता मेट्रो नेटवर्क भी है। इंडस्ट्री के दिग्गज लोगों का भी मानना है कि लोगों के बीच दूसरी कार खरीदने की प्लानिंग नहीं करने का ट्रेंड बढ़ा है।

दूसरी तरफ छोटे टाउन और शहरों की बात करें तो वहां गाड़ियों की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई है जिसका सबसे बड़ा कारण निजी गाड़ी खरीदने का लोगों का शौक है। लखनऊ में 2016-17 के मुकाबले 2017-18 में 25 फीसदी ग्रोथ दर्ज की गई जबकि जयपुर, अहमदाबाद और चंडीगढ़ में 15 फीसदी एवं कोच्चि में 7 फीसदी सेल्स ग्रोथ हुई है।

 

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