डॉक्टरों ने बनाई माइग्रेन को जड़ से खत्म कर देने वाली दवा…

बता दें कि माइग्रेन की ये दवा अगले सप्ताह तक बाजारों में उपलब्ध होगी। एमोविग नाम की इस इंजेक्टेट दवा के बारे में विशेषज्ञों का दावा है कि यह माइग्रेन के इलाज को पूरी तरह से बदल के रख देगी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये दवा अमेरिका के बाहर मिलेगी या नहीं। 

इस दवा से एक बार एक महीने का उपचार प्रोटीन सीजीआरपी को अवरुद्ध करके काम करता है, जो माइग्रेन पीड़ितों में ऊंचा होता है। अमेजेन और नोवार्टिस जैसी दिग्गज फार्मा कंपनिया द्वारा निर्मित एमोविग नाम की ये दवा पीड़ित के शरीर में सीजीआरपी के स्तर को कम करती है। इस दवा के सेवन से वजन घटने, यौन अक्षमता जैसे साइड इफेक्ट नहीं होंगे।

पिछले एक शोध में दावा किया गया था कि माइग्रेन की  दवा के साइड इफेक्ट से पीड़ित को भंयकर सिर दर्द होता है। जिसके चलते 86 प्रतिशत रोगी एक साल के भीतर ही उपचार बंद कर देते है। इस समय अमेरिका में 37 मिलयन से अधिक लोगों को माइग्रेन की समस्या है वहीं यूके में यह संख्या 6 मिलियन के करीब है।

माइग्रेन उपचार पर एमिविग के अपेक्षित प्रभाव की बात करते हुए, न्यू हैम्पशायर के डार्टमाउथ कॉलेज के डॉ स्टीवर्ट जेटेपर ने न्यूयार्क टाइम्स को बताया कि ये दवा माइग्रेन के इलाज के तरीके को बदल देगी। इस दवा के परीक्षण में भाग लेने वाले 32 वर्षीय रॉबिन ओवरलॉक ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले एक महीने में उन्हें 27 बार माइग्रेन अटैक आते थे। लेकिन इस दवा के इस्तेमाल के बाद मैं राहत महसूस कर रहा हूं।

एमोविग में प्रतिरक्षा-कोशिका प्रोटीन होते हैं जिन्हें एंटीबॉडी के नाम से जाना जाता है, जिन्हें प्रयोगशाला में जीवित कोशिकाओं में उत्पन्न किया जाता है इसलिए इसका इलाज थोड़ा महंगा है। इस दवा के इस्तेमाल में सालाना 6,900 डॉलर खर्च होने की उम्मीद है। पीड़ितों के लिए बीमा की भी व्यवस्था आएगी।

बालों के प्रत्यारोपण से माइग्रेन का इलाज किया जाता है। प्रत्यारोपड़ के दौरान माइग्रेन पीड़ित को चार घंटे के लिए परेशानी से गुजरना होता है। लेकिन बाद में ये परेशानी नहीं होती है। इस दवा के आने से माइग्रेन के इलाज में डॉक्टरों को काफी मदद मिलेगी।

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