देश में पहली बार पहलवानों को क्रिकेट की तरह मिलेगा केंद्रीय अनुबंध

ओलिंपिक में शामिल कुश्ती के खेल को अब जल्दी ही क्रिकेट की तरह बड़ी पहचान देने की तैयारी की जा रही है। भारत में कुश्ती के लिए अब क्रिकेट की तरह केंद्रीय अनुबंध प्रणाली को शामिल करने की तैयारी है। इसके बाद पहलवानों को ग्रेड के आधार पर केंद्रीय अनुबंध का हिस्सा बनाया जाएगा।

इसके अलावा रेसलिंग के प्रसारण के लिए पहली बार एक बड़े स्पोर्ट्स चैनल से बातचीत की जा रही है और जानकारी के मुताबिक, यह ब्रॉडकास्ट डील अपने अंतिम दौर में है। साल 2019 से शुरू होने वाली इस डील के होने से भारत में होने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों के 100 दिन के लाइव प्रसारण की गारंटी हो जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट 15 नवंबर से शुरू होंगे। इससे एलीट के अलावा जूनियर, सब-जूनियर, अंडर-23 वर्ग के करीब 150 रेसलरों को भी फायदा होगा। अंडर-15 वर्ग के पहलवान भी इसमें शामिल होंगे। इस कॉन्ट्रैक्ट की हर साल समीक्षा की जाएगी।

पहलवानों को ग्रेड 5 ग्रुप में मिलेगा जिसमें एक सीनियर और बाकी जूनियर पहलवानों के लिए होगा। इसका आधार ओलिंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, यूथ ओलिंपिक और अन्य बड़े इवेंट में मिले मेडल को रखा जा सकता है।

राजधानी दिल्ली में रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के मुख्यालय में इसे लेकर एक बैठक मंगलवार को आयोजित की गई जिसें सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और दिव्या काकरान समेत करीब 15 पहलवान, फेडरेशन के अधिकारी और स्पोर्टी सॉल्यूशंस के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में पहलवानों के भविष्य को सुरक्षित करने के रास्तों पर भी विचार किया गया।

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