मोबाइल टावर से आपकी सेहत को खतरा है कि नहीं बताएगी सरकारी टीम

अगर आपके घर के नजदीक किसी मोबाइल टावर से आपको रेडिएशन का डर लग रहा है तो आप अब इससे संबंधित डिटेल tarangsanchar.gov.in पर सर्च कर सकते हैं। दूर संचार विभाग के डेप्युटी डायरेक्टर जनरल आर.एम. चतुर्वेदी ने कहा, ‘अगर फिर भी आप संतुष्ट नहीं हो ते हैं, कृपया नाममात्र का फीस जमा करें और दूर संचार विभाग की टीम आएगी और वह आपके कमरे के अंदर की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन के असली स्तर और आपके घर के अंदर लोकेशन को बताएगी।’

शनिवार को एनडीएमसी के कन्वेंशन सेंटर में चतुर्वेदी लोगों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रहे थे। राजधानी में कॉल ड्रॉप आम बात हो गई है और टावर भी तेजी से इंस्टॉल हो रहे हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए एनडीएमसी ने आरडब्ल्यूए, मेडिकल एक्सपर्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट और दूर संचार विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी ताकि मोबाइल टावर रेडिएशन के बुरे प्रभाव को लेकर लोगों के अंदर मौजूद चिंताओं को कम किया जा सके।

विशेषज्ञों ने लोगों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन से जुड़ा डर सही नहीं है और इसको लेकर हुए गहन शोध से यह नतीजा निकला है कि टावर रेडिएशन और शारीरिक बीमारी जैसे कैंसर, सिर दर्द, नींद की कमी या नपुंसकता का कोई संबंध नहीं है।

इधर, डायरेक्टर जनरल सुनील कुमार ने कहा, ‘हम सभी मोबाइल फोन और उसके लाभ चाहते हैं, लेकिन मोबाइल टावर नहीं। पब्लिक डोमेन में मौजूद वैज्ञानिक सबूत मोबाइल टावर से किसी नुकसानदेह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन का समर्थन नहीं करते।’

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