विश्व बैंक से पिछले 2 सालों में इतना कर्ज ले चुकी हैं मोदी सरकार, देखिये आंकड़े

प्रधानमंत्री मोदी कई बार बोल चुके हैं की, भारत विश्व की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। लेकिन हकीकत कुछ और हैं और वो ये हैं की, मोदी सरकार ने भी देश के विकास के लिए विश्व बैंक से कई बार कर्जा लिया हैं। यानि कि मोदी सरकार का विकास विश्व बैंक के कर्जे के बिना असम्भव हैं।

बता दे, 23 जनवरी 2018 को मोदी सरकार ने उत्तराखंड में पानी की सप्लाई के लिए विश्व बैंक से करीब 8 अरब रुपए का कर्ज लिया था। इसके बाद 31 जनवरी 2018 को तमिलनाडु के गांवों की हालत सुधारने के लिए करीब 14 अरब रुपए का कर्ज लिया गया।

24 अप्रैल 2018 को मध्यप्रदेश के गांवों की सड़कों की हालत दुरुस्त करने के लिए करीब 14 अरब रुपए का कर्ज मोदी सरकार ने लिया। इसके बाद 8 मई 2018 को राष्ट्रीय कुपोषण मिशन के लिए विश्व बैंक से 13.5 अरब रुपये का कर्ज लिया गया था।

29 मई को राजस्थान के लिए 1.5 अरब रुपए और हल्दिया तक के इनलैंड वॉटर हाईवे के लिए भी मोदी सरकार विश्व बैंक से कर्ज ले चुकी हैं। दवाइयां बनाने और उनकी गुणवत्ता सुधारने के नाम पर अप्रैल 2018 में सरकार ने विश्व बैंक से 8 अरब 36 करोड़ रुपये का कर्ज लिया।

साल 2017 में मोदी सरकार ने ​विश्व बैंक से उत्तर प्रदेश में टूरिज्म के विकास के लिए 2 अरब 67 करोड़ रुपए, सोलर पार्क प्रोजेक्ट के लिए 21 नवंबर को 6.5 अरब रुपए, असम में ग्रामीण परिवहन के लिए 3.5 अरब रुपए और 30 जून को नेशनल बायोफार्मा मिशन के लिए 8 अरब 36 करोड़ रुपए कर्ज लिया।

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