ये मासूम है पोर्न इंडस्ट्री का सबसे बड़ा स्टार….

फोटो में दिख रहे इस बच्चे को मामूली समझने की भूल मत कीजिएगा। पहली नजर में आप इसे बच्चा समझ रहे हैं तो बता दें कि ये बच्चा नहीं, बल्कि 24 साल का शख्स जापानी पोर्न इंडस्ट्री का जाना माना नाम है।

इसकी हाइट महज 3.6 फीट है। वह पोर्न फिल्मो में काम करता है और उसे डायरेक्ट भी करता है। इसका नाम कोही निशि है। लेकिन पोर्न इंडस्ट्री में उसे निशिकुन के नाम से जाना जाता है। उसकी छोटी हाइट और मासूम चेहरा उसे बाकी पोर्न एक्टर से अलग बनाती है।

पोर्न इंडस्ट्री में बच्चों को काम नहीं मिलता है। लेकिन पोर्न देखने वाले दर्शक बच्चों की पोर्नग्राफी देखना ज्यादा पसंद करते हैं।  ऐसे में निशिकुन अपनी छोटी हाइट और मासूम चेहरे की वजह से बच्चे का रोल करता है।   लेकिन 24 साल का शख्स आखिर ऐसा क्यों दिखता है, इसके पीछे की वजह बेहद गंभीर है।  दरअसल, इस पोर्नस्टार को म्यूकोपॉलीसैक्रिडोसिस नामक एक लाइलाज बीमारी है। इसे ब्रेन ट्यूमर भी कह सकते हैं। इसके चलते उसकी हड्डियों का विकास नहीं हो पाया और रीढ़ की हड्डी में भी दिक्कतें पैदा हो गईं।

हड्डियों और रीढ़ की कमजोरी के कारण वह 5 मिनट से ज्यादा खड़ा नहीं रह पाता। इसलिए उसके ज्यादातर सीन बेड पर लेटेकर शूट होते हैं। हालांकि बीमारी से निशिकून के हाथों में भी ताकत नहीं है। वह एक प्लास्टिक बोतल का ढक्कन भी नहीं खोल पाता। यही नहीं, उसे बाएं कान से सुनाई भी नहीं देता। हालांकि बोन मैरो ट्रांसप्लांट होने के बाद उसकी बीमारी तो नहीं बढ़ी, लेकिन पहले से जो दिक्कतें पैदा हो चुकी हैं, उनका कोई इलाज नहीं है।

 

निशिकुन का जापान की मेनस्ट्रीम फिल्मों और पोर्न फिल्मों के डायरेक्टर केई मोरीकावा का परिचय पब में हुआ था। केई ने उसे गनारी ताकाहाशी से मिलाया, जो पोर्न इंडस्ट्री आंत्रप्रेन्योर है। गनारी ने उसे एडल्ट फिल्मों में काम करने का प्रपोजल दिया। कोही ने पहले एक प्रेजेंटेशन दिया, फिर गनारी ने उसका एक वीडियो बनवाया। वीडियो देखने के बाद गनारी ने उससे कहा कि दुनिया में कोई और तुम्हारी तरह काम नहीं कर सकता। जल्दी ही निशिकुन जापान में पॉपुलर हो गया।

वह कहता है कि मेरे मासूम चेहरे की वजह से महिलाएं और युवा मुझे पसंद करते हैं।  अब निशिकुन अमेरिकी पोर्न फिल्मों में काम करना चाहता है।  उसका दावा है कि उसकी वजह से बाल यौन शोषण में कमी आती है। उसका तर्क है कि जैसे हिंसक वीडियोगेम और वॉर फिल्मों से लोगों की हिंसक भावनाएं शांत हो जाती हैं, वैसा ही असर उसके पोर्न वीडियो देखने वाले पीडोफिल्स (बाल यौन शोषण की मानसिकता वाले) पर पड़ता है।

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