बॉम्बे हाई कोर्ट: नाबालिग रेप पीड़िता को 24 सप्ताह का गर्भ गिराने की मिली मंजूरी….

जस्टिस ए.के.मेनन और जस्टिस भारती डांगरे ने यह आदेश 16 साल लड़की की मां की याचिका पर दिया है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी ऐक्ट के तहत यदि कोई भ्रूण 20 सप्ताह से ज्यादा अवधि का हो, तो उसे केवल कोर्ट की अनुमति से ही गिराया जा सकता है।

मां ने इस महीने कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि उनकी बेटी ने जब पेट में दर्द की शिकायत की, तो उसे अस्पताल ले जाया गया। महिला का दावा है कि उन्हें अपनी बेटी के गर्भावस्था का पता अस्पताल में जाकर ही पता चला। महिला की याचिका के अनुसार, रिश्तेदार के दोस्तों ने उनकी बेटी के साथ रेप किया था।

कोर्ट ने पिछले सप्ताह ही लड़की को निर्देश दिया था कि वह राजावाड़ी अस्पताल के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के एक विशेष पैनल से अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराए। पैनल ने कोर्ट को जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें कहा गया था कि अपना गर्भ गिराने के लिए यह लड़की शारीरिक रूप से स्वस्थ है।

कोर्ट ने लड़की का गर्भ गिराने का आदेश देते हुए कहा कि ‘लड़की की बहुत कम आयु है और यह देखते हुए कि रेप के बाद वह काफी कष्ट झेल चुकी है और यदि उसे बच्चा जन्म देने दिया गया तो उसकी परेशानियां और बढ़ सकती हैं, इसलिए हम गर्भ गिराने की अपील स्वीकार करते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘गर्भ गिराने का यह काम केईएम अस्पताल में किया जाएगा क्योंकि यहां पर इस इलाज की बेहतर व्यवस्था है।

 

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