National : खेलने-कूदने की उम्र में रेप पीड़िता बच्ची ने दिया बेटे को जन्म

रेप पीड़ित एक किशोरी के खेलने उम्र में ही मां बनने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 14 वर्षीय किशोरी ने जब बच्चे को जन्म दिया तो हर कोईउसकी हिम्मत की दाद देता नजर आया। दरअसल, जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने किशोरी की कम उम्र का हवाला देते हुए डिलीवरी करने से मना कर दिया था, लेकिन किशोरी बच्चे को जन्म देना चाहती थी।

उसकी इसी हिम्मत को देखते हुए पुलिस ने अपने खर्च पर गर्भवती किशोरी को कईनिजी अस्पतालों में दिखाया, लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद एसएसपी मेरठ मेडिकल काॅलेज में वरिष्ठ चिकित्सकों से बात की और सीएमओ के साथ महिला डाॅक्टर की विशेष ड्यूटी लगायी गई। इस तरह वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में रेप पीड़ित किशोरी ने शुक्रवार को एक बेटे को जन्म दिया।चिकित्सकों की मानें तो जच्चा-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस मौके पर अस्पताल के वार्ड में मिठाई भी बांटी गई।

बता दें कि मुरादाबाद के पाकबड़ा में रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी से एक व्यापारी नरेश सक्सेना रेप की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित किशोरी की तहरीर पर 10 अगस्त 2018 को केस दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने 22 सितंबर को आरोप पत्र अदालत में पेश करते हुए आरोपी नरेश सक्सेना और उसकी पत्‍‌नी गीता को जेल भेज दिया था। इसी बीच पीड़िता को पता चला कि वह गर्भवती है।

इसके बाद उसको समाज की ओरसे तरह-तरह के ताने मिले, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने बिन ब्याही मां बनने के लिए हिम्मत दिखाई तो नारी उत्थान केन्द्र (पहल) ने उसकी नियमित काउंसिलिंग के साथ नियमित मेडिकल चेकअप कराया। इसी बीच गुरुवार को प्रसव पीड़ा के चलते किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जिला अस्पताल में कम उम्र का हवाला देते हुए डिलीवरी करने से इनकार कर दिया गया।

इसके बाद पुलिस ने पूरा खर्च उठाने की बात कहते हुए गम्भीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन यहां भी चिकित्सकों ने जच्चा-बच्चा की हालत चिंताजनक बताते हुए मेरठ मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि मेरठ मेडिकल काॅलेज में शुक्रवार सुबह 10.30 बजे पीड़ित किशोरी ने बेटे को जन्म दिया है। चिकित्सकों का कहना है कि जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

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