National : नागेश्वर राव ने पत्नी के ठिकानों पर पुलिस रेड को बताया प्रोपगेंडा

सीबीआई, पुलिस, सरकार, प्रशासन, कार्रवाई फिर उसके ऊपर भी कार्रवाई. पिछले कुछ दिनों से देश में कुछ ऐसे ही हालात बने हुए हैं. कभी दिल्ली में सीबीआई पर घमासान मचता है, तो कभी कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सीबीआई आमने सामने होते हैं. पुलिस और सीबीआई की यह टसल खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. अब कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के पूर्व अंतरिम चीफ नागेश्वर राव की प्रॉपर्टी पर छापेमारी कर दी है.

दो ठिकानों पर छापेमारी

न्यूज एजेंसी एनआई के मुताबिक कोलकाता पुलिस ने नागेश्वर राव के दो ठिकानों पर छापेमारी की है. इन दोनों ठिकानों की पुलिस ने अचानक घेराबंदी कर ली. इस पर पुलिस का कहना है कि जरूरी जांच के लिए ऐसा किया गया था. इन दो ठिकानों में एक कंपनी नागेश्वर राव की पत्नी और बेटी के वित्तीय लेन-देन की है. वहीं कंपनी एंजेला मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटेड पर भी पुलिस ने छापा मारा है. हालांकि राव ने साफ किया है कि इस कंपनी से कोई भी संबंध नहीं हैं.

राव ने बताया प्रोपगेंडा

नागेश्वर राव ने कोलकाता पुलिस की इस कार्रवाई को प्रोपगेंडा करार दिया है. उन्होंने कहा कि मैंने अपनी एनुअल प्रॉपर्टी रिटर्न में हर चीज की जानकारी दी है. जो सरकार को सौंपी गई है. जिसे आप गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर भी देख सकते हैं.

क्या लिया जा रहा है बदला?

इससे पहले नागेश्वर राव जब सीबीआई का कामकाज संभाल रहे थे, तो उन्हीं के निर्देशों पर कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर 40 सीबीआई अफसर पहुंचे थे. जिसके बाद पश्चिम बंगाल में भारी हंगामा देखने को मिला था. लेकिन अब कोलकाता पुलिस की तरफ से हुई इस कार्रवाई को बदले की भावना से की गई कार्रवाई माना जा रहा है.

कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सोमवार को शिलॉन्ग में सीबीआई के सामने पेश होना है. लेकिन इससे ठीक दो दिन पहले नागेश्वर राव की कंपनियों पर हुई इस छापेमारी के कई मायने निकाले जा रहे हैं

मेडल वापस लेने पर घमासान

गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से उन पांच पुलिस अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा था, जिन्होंने 3, 4 और 5 फरवरी को कोलकाता में ममता के साथ धरना किया था. मंत्रालय का इन पुलिस अफसरों से मेडल वापस लिए जाने पर भी खबर आई थी. इसके बाद ममता बनर्जी ने केंद्र को चुनौती दे दी थी. ममता ने कहा, “अगर धरने पर बैठे पांच IPS अफसरों के मेडल वापस लिए गए तो उन्हें बंगाल के सर्वोच्च सम्मान बंग विभूषण से नवाजा जाएगा.”

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