इस बच्चे के माथे पर उभरता है त्रिशूल और ऊं का निशान….

दरअसल, जब इस बच्चे का जन्म हुआ तो माथे पर त्रिशूल का निशान था। हैरानी की बात ये है कि त्रिशूल का ये निशान कभी ऊं की आकृति में बदल जाता है तो कभी स्वस्तिक तो कभी त्रिनेत्र का रूप ले लेता है।

हमारी पृथ्वी रहस्यों से आज भी भरी हुई है। विज्ञान भले ही कितनी भी तरक्की कर चुका हो, लेकिन आज तक कई रहस्यों से पर्दा नहीं उठा पाया है। ऐसा ही है झारखंड में जन्मा ये बच्चा, जिसे देखने के बाद बड़े से बड़े डॉक्टर भी हार मान चुके हैं।

जहां एक तरफ लोग इस बच्चे को भगवान का अवतार मान रहे हैं तो वहीं विज्ञान भी इसको बीमारी का नाम देने से कतरा रहा है। कुदरत के इस करिश्मे के आगे विज्ञान को भी नतमस्तक होना पड़ गया है।

इस बच्चे का जन्म साल 2016 में झारखंड के दुमका जिले में हुआ था। यहां के रामगढ़ बाजार में रहने वाले अरुण कुंवर के घर 10 अगस्त को इस अद्भुत बच्चे का जन्म हुआ। जन्म के बाद से ही इस बच्चे के माथे, बाजू और छाती पर हर दिन ये निशान उभर आते हैं।

जिस दिन इस बच्चे का जन्म हुआ उसी दिन से रोज सुबह अरुण कुंवर के घर पर बच्चे को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग जाती थी। कोई इस बच्चे को महादेव तो कोई दुर्गा या विष्णु का अवतार मान रहा है। हैरानी का विषय ये है कि बच्चे के शरीर पर ये आकृतियां सुबह उभरती हैं और शाम होने तक धुंधली पड़ जाती है। जैसे ही अंधेरा होता है तो ये आकृतियां अपने आप गायब हो जाती हैं।

 

हालांकि, कुछ विदेशी वेबसाइटों ने इसे कोरी अफवाह भी करार दिया है। कुछ विदेशी वेबसाइटों ने वीडियो के आधार पर दावा किया कि बच्चे के माथे पर दिखने वाले ये निशान कुदरती नहीं बल्कि रोज बनाए जाते हैं। हालांकि, जब बच्चे का जन्म हुआ था उस वक्त डॉक्टरों ने माना था कि ब्लड कैपरीज डिफेक्ट की वजह से इस बच्चे के शरीर पर ये निशान बन रहे हैं। इसके बाद कई टेस्ट हुए, लेकिन आज तक बच्चे के माथे पर बनने वाले ये निशान रहस्य ही बने हुए हैं। फिलहाल ये बच्चा कहां है और क्या अब भी इसके माथे और शरीर पर ये निशान उभर रहे हैं, इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

 

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