रोज 30-30 लोगों को मेरे पास भेजा जाता था, दिल्ली के GB रोड की लड़की ने बताई एक-एक बात

जीबी रोड के कोठे से भागकर एक नेपाली लड़की दिल्ली महिला आयोग (DCW) के पास पहुंची। इसके बाद पुलिस ने उसकी मदद से जिस्मफरोशी के धंधे में शामिल आरोपियों को पकड़ लिया, इतने इतने महीने बीत जाने के बाद आज भी हालात नहीं सुधरे हैं।

 

22 साल की पिंकी (बदला हुआ नाम) ने पुलिस को बताया कि उसके पास एक दिन में 30-30 लोगों को भेजा जाता था।  डीसीडब्ल्यू चीफ स्वाति जयहिंद ने बताया कि एनजीओ रेस्क्यू फाउंडेशन ने कमीशन से कॉन्टैक्ट किया। लड़की ने हमें पूरी आप बीती बताई, जिसके बाद पुलिस की मदद से कोठे पर रेड की गई। वहां से लड़कियों से देह व्यापार कराने वाली महिला को भी गिरफ्तार किया।

इन गलियों में जिस्मों की कोई कीमत नहीं

 

पिंकी ने बताया कि 5 महीने पहले एक महिला उसे दुबई में काम दिलवाने के बहाने नेपाल से भारत लाई और फिर जीबी रोड पर बेच दिया। तब से 64 नंबर कोठे पर उससे देह व्यापार करवाया जा रहा था। मना करने पर एक महिला उससे मारपीट करती थी। कई दिन तक भूखा भी रखा जाता था।

 

जो इस दलदल में गया, उसका बाहर निकला असंभव सा हो जाता है

साहेब आज आलम ये है कि जीबी रोड़ में हजारों मजबूर लड़कियां आती हैं या फिर जबदस्ती लाईं जाती हैं। इतना ही नहीं एक बार लड़कियां इस दलदल में चले गई तो यहां से बाहर निकलना उनके लिए असंभव सा हो जाता है। कुछ लड़कियों की किस्मत अच्छी होती है वो बचकर निकल जाती है लेकिन निकलने के बाद भी उसकी जान पर खतरा बना रहता है।

 

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