महिला से प्रैस और पुलिस के नाम पर ब्लैकमेल कर 20,000 रुपए की डिमांड,2 पत्रकार गिरफ्तार….

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों ने महिला से प्रैस और पुलिस के नाम पर ब्लैकमेल कर 20,000 रुपए की डिमांड की थी। इसके बाद महिला की शिकायत पर पुलिस ने ट्रैप लगाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने इनके पंजाब फोकस नामक साप्ताहिक समाचारपत्र के आई कार्ड भी बरामद किए हैं।

न्यू बलदेव नगर निवासी महिला को ब्लैकमेल करने वाले साप्ताहिक समाचारपत्र के 2 पत्रकारों सुच्चा सिंह पुत्र महिंद्र सिंह निवासी चक्क जिंदा, शिवम पुत्र कपिल निवासी न्यू लक्ष्मीपुरा जालंधर को थाना 8 की पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

थाना नं. 8 के प्रभारी नवदीप सिंह ने बताया कि मनजीत कौर पत्नी ओम प्रकाश निवासी न्यू बलदेव नगर ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उक्त दोनों पत्रकार 24 मार्च को उनके घर आए और घर में महिलाओं से धंधा करवाने जैसे गलत आरोप लगाकर खुद को प्रैस और पुलिस मुलाजिम बताकर डराने-धमकाने लगे। मनजीत कौर ने बताया कि दोनों पत्रकारों ने कहा कि घर में जो गलत काम हो रहे हैं उसकी फोटो और विडीयो उनके पास है अगर वे समाचारपत्र में लगवा दें तो बदनामी होगी।

एक पत्रकार ने खुद को पुलिस मुलाजिम बताते हुए कहा कि उसकी समाचारपत्र वालों से सैटिंग है और 20,000 रुपए दे दो तो वह कोई खबर व फोटो नहीं छपने देंगे। झूठी बदनामी के डर से मनजीत कौर ने 5,000 रुपए उन्हें दे दिए व बाकी रुपए बाद में देने की बात कही। 3 दिन बाद उक्त पत्रकारों ने उसे बकाया 15,000 रुपए देने के लिए फोन किया और महिला को लंबा पिंड चौक पर बुलाया। परेशान होकर मनजीत कौर ने थाना नं. 8 में सारी बात बताई और शिकायत दी कि उक्त लोग उसे ठग कर 5,000 रुपए ले गए हैं और शेष रुपए मांग रहे हैं।शिकायत के आधार पर जांच करते हुए ए.एस.आई. रमेश कुमार महिला को साथ लेकर लंबा पिंड चौक पहुंचे तो वहां दोनों लड़के खड़े थे। इस पर पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया।

जांच दौरान पता चला कि उक्त दोनों के पास प्रैस का कार्ड है जो पत्रकार और पुलिस मुलाजिम बनकर कई लोगों को ब्लैकमेल कर चुके हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 383, 420, 506, 34 आई.पी.सी. के तहत मामला दर्ज किया है।

ठगी दौरान नाम और नंबर गलत बताते थे
शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि घर आए दोनों युवकों ने अपना नाम सोनू भुल्लर और शिवम बताया था। भुल्लर ने खुद को पुलिस मुलाजिम बताया था, जबकि जांच दौरान दोनों के नाम गलत निकले। इनसे हिंदी समाचारपत्र पंजाब फोकस के आई कार्ड मिले हैं।

2 महीने पहले रखे थे, उन्हें नहीं पता समाचारपत्र के नाम पर वे क्या कर रहे थे : रीना
फोकस पंजाब समाचारपत्र की मालकिन रीना से इस संबंधी बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने 2 महीने पहले इन्हें सिर्फ विज्ञापन इकट्ठे करने के लिए रखा था। उन्हें नहीं पता था कि उनके समाचारपत्र के नाम पर ये लोगों से ठगी मार रहे हैं। दोनों को समाचारपत्र से निकाल दिया गया है।

पढ़ाई की हो 8वीं या 10वीं, 1000 रुपए में बन जाता है प्रैस कार्ड
पुलिस ने कहा कि उक्त दोनों आरोपियों ने बताया कि वह दोनों 10वीं पास हैं। उनके पास कोई काम नहीं था। किसी के जरिए वे उक्त प्रैस में लगे थे। टी.वी. से देख पैसे कमाने के चक्कर में प्रैस का आई कार्ड बनवाया था और लोगों को ब्लैकमेल करते थे। डरा हुआ व्यक्ति पैसे दे देता था। इनमें से एक व्यक्ति ने बताया कि 8वीं हो या 10वीं, 1000 रुपए में प्रैस का आई कार्ड बन जाता है। उन्होंने रुपए लेकर कइयों के आई कार्ड बनवाकर दिए हैं।

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