पाकिस्तान में जनता को महसूस होने लगी निजाम बदलने की आहट, 17 रुपये प्रति लीटर सस्ता होगा डीजल

पाकिस्तान में निजाम बदलने के साथ ही जनता को भी बदलाव की आहट महसूस होने लगी है. सत्ता संभालने के बाद से ही प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार ने कई ऐसे फैसले किए हैं, जिसकी चर्चा न केवल उनके देश बल्कि भारत में भी हो रही है. इमरान खान की सरकार ने सबसे बड़ा फैसला डीजल की कीमत में 17 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का लिया है. उनके इस फैसले के बाद भारत में भी महंगे पेट्रोल-डीजल को लेकर चर्चा होने लगी है..
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री गुलाम सरवर खान के हवाले से मीडिया में आई रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में पाकिस्तान में डीजल की कीमतों में कटौती कर इसे पेट्रोल के बराबर लाया जाएगा. इससे देश में सामानों की ढुलाई पर खर्च में कमी आएगी और महंगाई घटेगी. पाकिस्तान में मौजूदा समय में पेट्रोल 95.24 रुपये, डीजल 112.94 रुपये, किरोसीन 83.96 रुपये और लाइट डीजल 75.37 रुपये लीटर है..
गौरतलब है कि भारतीय रुपये के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया काफी कमजोर है. मौजूदा समय में भारत के एक रुपये की कीमत पाकिस्तान में करीब 1.74 रुपये है. इस तरह अगर हिसाब लगाया जाए तो भारतीय रुपये की दर में पाकिस्तान में पेट्रोल 55 रुपये और डीजल 65 रुपये के करीब है..
वीआईपी कल्चर होगा खत्म.
पाकिस्तान की नई सरकार ने खर्चों पर लगाम लगाने के अपने अभियान के तहत हवाईअड्डों पर नेताओं, न्यायाधीशों और सैन्य अधिकारियों समेत ‘प्रभावशाली लोगों’ के लिए वीआईपी संस्कृति पर रोक लगा दी है. डॉन अखबार ने सूचना मंत्री फवाद चौधरी के हवाले से बताया कि बिना किसी भेदभाव के सभी यात्रियों को समान मौके देने के लिए यह फैसला सख्ती से लागू किया जाएगा..
गृह मंत्रालय ने संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को निर्देश दिए कि किसी भी सरकारी अधिकारी या अन्य वीआईपी को हवाईअड्डों पर प्रोटोकॉल नहीं दिया जाएगा. वीआईपी प्रोटोकॉल एफआईए देती है. खबर में कहा गया है कि पूर्ववर्ती सरकारों ने भी ऐसे फैसले लिए थे लेकिन उन्हें पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका था..
चौधरी ने बताया कि ऐसा देखा गया है कि प्रभावशाली लोगों को हवाईअड्डों पर वीआईपी प्रोटोकॉल दिया जाता है ताकि उन्हें लंबी कतारों में ना लगना पड़े और बिना किसी परेशानी के उनके सामान की जांच हो जाए. उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि प्रभावशाली लोग हवाईअड्डों पर एफआईए अधिकारियों से मदद मांगते थे जो तुरंत उनका सामान सुरक्षा जांच से निकलवा देते थे,.
वीआईपी प्रोटोकॉल आमतौर पर नेताओं, जन प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नौकरशाहों, न्यायाधीशों, सैन्य अधिकारियों और पत्रकारों को दिया जाता है. मंत्रालय ने एजेंसी के सभी जोन को भेजे पत्र में कहा कि अगर कोई किसी वीआईपी को प्रोटोकॉल देता पाया गया तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा..
प्रथम श्रेणी से हवाई यात्रा करने पर प्रतिबंध.
कुछ दिन पहले नई सरकार ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत अधिकारियों तथा नेताओं के सरकारी निधि को अपने मन से खर्च करने और प्रथम श्रेणी से हवाई यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया. सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने मीडिया से कहा था कि यह निर्णय किया गया है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रधान न्यायाधीश, सीनेट चेयरमैन, नेशनल असेंबली के स्पीकर और मुख्यमंत्री क्लब/बिजनेस श्रेणी में यात्रा करेंगे..
एक सवाल पर चौधरी ने कहा था कि सेना प्रमुख को प्रथम श्रेणी से यात्रा करने की अनुमति नहीं है और वह हमेशा बिजनेस श्रेणी में यात्रा करते हैं. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तथा अन्य अधिकारियों ने निधि के विवेकाधीन आवंटन पर भी रोक लगा दी है. चौधरी ने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ एक साल में 51 अरब रूपये की निधि का इस्तेमाल करते थे..

Facebook Comments