भारत में तेजी से फैल रहा है निपाह वायरस ,जानिये इस से बचने के उपाये…..

क्‍या है निपाह वायरस और कैसे इससे करें बचाव: निपाह वायरस भारत में बड़ी तेजी से पांव पसार रहा है। केरल से शुरू होने के बाद अब कर्नाटक, तेलंगाना के बाद पश्चिम बंगाल तक पहुंच चुका है।  ये वायरस चमगादड़ों की लार से फैलता है। डॉक्टरों के मुताबिक, पेड़ पर लगे जिस भी फल पर चमगादड़ मुंह मार लेता है, उसमें ये वायरस फैल जाता है।

 बुधवार को इसकी चपेट में आने के बाद 2 और लोगों की मौत हो गई। केरल में अभी तक निपाह वायरस से 15 लोगों की मौत हो चुकी है।केरल में निपाह वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। कोझिकोड डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेशे से वकील 55 साल के पी. मधुसूदन और 28 वर्षीय अखिल निपाह वायरस की चपेट में आ गए। इन दोनों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पातल में भर्ती कराया गया था, लेकिन दोनों को बचाया ना जा सका। बताया जा रहा है कि अखिल निपाह से पीड़ित इलाके से नहीं थे। ऐसे में उनकी मौत और निपाह के बढ़ते कहर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

 

कोझिकोड और मलप्पुरम के अस्पतालों में करीब 200 संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है, इनमें से तीन मरीजों में निपाह वायरस होने की पुष्टि हो गई है। इलाज करते हुए चपेट में आए 5 स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा गया है। केरल ही नहीं निपाह कई राज्यों में फैल रह है।

  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में निपाह वायरस के संभावित संक्रमण से पहली मौत का मामला प्रकाश में आया है। अलीपुर के कमांड अस्पताल में भर्ती एक सैनिक की मौत रविवार को हो गई थी। सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि केरल स्थित गांव में रहने के दौरान ही उन्हें वायरल बुखार हो गया था। संभावित निपाह संक्रमण की वजह से बेहतर इलाज के लिए उन्हें कोलकाता लाकर आर्मी के कमांड अस्पताल में गत 20 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। केरल में ही जांच के दौरान निपाह वायरस के संभावित संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें कोलकाता लाया गया था। कमांड अस्पताल में लगातार इलाज चल रहा था। कई तरह के जांच भी हुए थे। इस बीच, रविवार को सीनू ने दम तोड़ दिया।

 

 

क्‍या है निपाह वायरस और कैसे इससे करें बचाव: निपाह वायरस भारत में बड़ी तेजी से पांव पसार रहा है। केरल से शुरू होने के बाद अब कर्नाटक, तेलंगाना के बाद पश्चिम बंगाल तक पहुंच चुका है।  ये वायरस चमगादड़ों की लार से फैलता है। डॉक्टरों के मुताबिक, पेड़ पर लगे जिस भी फल पर चमगादड़ मुंह मार लेता है, उसमें ये वायरस फैल जाता है।

  ऐसे में उस फल को खाने से निपाह वायरस सीधे आपके शरीर में घुस जाता है। इस वायरस का अभी तक कोई इलाज संभव नहीं है। सिर्फ खुद का बचाव करके ही आप निपाह वायरस से बच सकते हैं। केला, आम, खजूर और अंगूर जैसे फलों से फैल रहे इस वायरस से बचने के लिए इन फलों का इस्तेमाल कुछ दिनों के लिए बंद करना ही बेहतर है। अगर मजबूरी में खाना भी पड़े तो इन फलों को कम से कम 5 मिनट तक साफ पानी में रगड़-रगड़कर धोंए।

 

 

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