पुराने पुल पर रोकी गई रेल सेवा, चौथे दिन पर यमुना खतरे के निशान से ऊपर

यमुना के जल स्तर में बढ़ोत्तरी जारी है और मंगलवार को लगातार चौथे दिन भी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अब तक करीब 10,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि नदी का जल मंगलवार दोपहर 206.04 मीटर के स्तर पर पहुंच गया जबकि खतरे का निशान 204.83 मीटर पर है। उन्होंने बताया कि जल स्तर में और बढ़ोत्तरी होने की आशंका है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण अब तक 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

उन्होंने बताया कि जिन लोगों को उनके घरों से हटाया गया है उनके रहने के लिए 1,149 तंबू लगाए गए हैं। उन लोगों तक खाद्य और चिकित्सीय सहायता पहुंचाई जा रही है। दिल्ली सरकार के बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने कहा कि हथिनी कुंड बैराज से कुछ कुछ अंतराल पर पानी छोड़ा जा रहा है। कल 5,13,554 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कल अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे।

इस बीच, राजस्व और बाढ़ एवं सिंचाई मंत्री कैलाश गहलोत ने सोमवार को प्रभावित इलाके का दौरा किया और अधिकारियों को समुचित इंतजाम करने का आदेश दिया। यमुना पर बने पुराने लोहे के पुल पर यातायात आज भी प्रभावित रहा। बारिश के कारण नदी के जल स्तर में वृद्धि को देखते हुए इस पुल को यातायात के लिए रविवार को बंद कर दिया गया था। यह पुल दिल्ली को पड़ोसी राज्यों से जोड़ने का प्रमुख माध्यम है।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, यमुना में अब तक सबसे ज्यादा जल स्तर का रिकॉर्ड 1978 में रहा था, जब नदी का जल स्तर 207.49 मीटर पर पहुंच गया था।

पुराने पुल पर रोकी गई रेल सेवा
यमुना नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण पुराने यमुना पुल पर रेल सेवा अस्थायी रूप से रोक दी गयी है। उत्तरी रेलवे ने बताया है कि दो पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गयीं और 19 ट्रेनों का गंतव्य बदला गया है और 17 ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आज दोपहर नदी 206.04 मीटर के स्तर पर बह रही थी जबकि खतरे का निशान 204.83 मीटर है। जलस्तर अभी और बढ़ने की आशंका है।

यातायात पुलिस ने बताया कि पुराने यमुना पुल पर सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। रविवार को जल स्तर बढ़ने के कारण इसे बंद कर दिया गया था। यमुना के पुराने पुल को ‘लोहे के पुल के रूप में जाना जाता है। यह सड़क सह रेल पुल दिल्ली-हावड़ा लाइन पर स्थित है। इसका निर्माण 150 साल पूर्व किया गया था। दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के बीच यह एक प्रमुख संपर्क कड़ी के रूप में काम करता है।

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