हाथ की ये रेखाएं,दुश्‍मनों को हरा देंगे आप….

  • मंगल ​पर्वत: मंगल पर्वत हथेली में दो जगह होता है। एक तो जीवन रेखा के ठीक नीचे अंगूठे के पास वाले स्थान पर होता है। दूसरा हृदय रेखा के ठीक नीचे मस्तिष्क रेखा के पास वाले स्थान पर होता है। मंगल पर्वत की दबी हुई स्थिति साहस की कमी करती है। मंगल पर्वत पर चतुष्कोण होने से साहस की कमी होने पर भी असफल होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त होती है।
  • विवाह रेखा: हथेली में विवाह रेखा सबसे छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत पर स्थित होती है। यदि विवाह रेखा सीधी न हो और नीचे की ओर झुक रही हो या आकार में गोल हो रही हो तो यह स्थिति जीवनसाथी के स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं मानी गई है। विवाह रेखा में ये दोष हो और उस पर चतुष्कोण बन जाए तो जीवनसाथी के जीवन से जुड़ी परेशानियों में राहत प्रदान करता है।
  • भाग्य रेखा: हथेली में भाग्य रेखा टूटी हो तो कार्यों में रुकावटें आती हैं। ऐसे में भाग्य रेखा के आस-पास ही चतुष्कोण बन जाए तो समस्याएं आती हैं, लेकिन वह सफलता भी मिल जाती है
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