पांडवों का एक गेहूं का दाना जो आज भी मौजूद है

जिसमे उन्होंने अपना कुछ समय हिमालय में भी गुजारा था। इस दौरान पांडव हिमाचल प्रदेश के ममलेश्वर के मंदिर में रुके थे जहाँ उन्होंने कुछ गेंहूँ के दाने उगाये थे।

जिनमे से एक दाने अभी भी सम्भाल के रखा गया है इस गेहूं के एक दाने का वजन 200 ग्राम है। यह गेहूं का दाना लगभग पांच हजार साल पुराना है।

लोगो का कहना है की प्राचीन काल में गेहूं का वजन इतना ही हुआ करता था जिसके कारण इस दाने का वजन भी इतना ही है।

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